शिमला : दिवाली से पहले हिमाचल प्रदेश में मिल्कफेड ने घी और मक्खन के दाम बढ़ाकर लोगों को महंगाई का झटका दिया है। घी के एमआरपी में 150 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह मक्खन के दामों में भी वृद्धि हुई है।
मिल्कफेड के नए दामों के अनुसार, 850 रुपये प्रति किलो मिलने वाला घी अब 1000 रुपये में मिलेगा। वहीं, मक्खन की कीमत 620 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है।
हालांकि, मिल्कफेड शुरूआती दौर से ही अपने मिल्कबार में उपभोक्ताओं को 50 रुपये की छूट देकर घी बेचता आ रहा है। यानी ये छूट उपभोक्ताओं को मिली तो 50 रुपये की कटौती के बाद भी घी के दाम 950 रुपए चुकाने होंगे।
शहरी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा ज्यादा असर
मिल्कफेड के घी की मांग खासकर शहरी क्षेत्रों में रहती है। शहरों में बहुत से उपभोक्ता घी की शुद्धता और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए मिल्कफेड के उत्पादों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ सकता है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध घी का विकल्प मिल जाता है। कुछ परिवार घर में ही दूध से घी तैयार करते हैं या स्थानीय स्रोतों से इसकी व्यवस्था कर लेते हैं। इसके मुकाबले शहरों में पैक्ड घी पर निर्भर उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का खर्च बढ़ना तय है।
जानकारी के अनुसार, घी के साथ साथ मक्खन की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। दिवाली पर घरों में मिठाइयां और पारंपरिक पकवान बनाने के लिए घी-मक्खन की मांग रहती है। ऐसे में दोनों उत्पादों के महंगे होने से त्योहार की खरीदारी पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। जो परिवार पहले से दिवाली के लिए इनकी खरीदारी की योजना बना रहे थे, उन्हें अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।
त्योहार के दौरान मिठाइयां, हलवा, लड्डू और अन्य पकवान बनाने में इन उत्पादों का खूब इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमतें बढ़ने से लोगों की रसोई का बजट प्रभावित होगा। यही नहीं दिवाली के बाद भी घी और मक्खन की खरीदारी का खर्च बढ़ा लाजमी है।

