नाहन : सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में गत शुक्रवार को दो समुदायों के युवकों के बीच हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद मंगलवार को शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। जिला दंडाधिकारी की ओर से सोमवार देर शाम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू किए जाने का असर शहर में नजर आया।
वाल्मीकि चौक, मोहल्ला गोबिंदगढ़ और वाल्मीकि मोहल्ले में पुलिस ने भीड़ एकत्रित नहीं होने दी, जबकि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें शहर में प्रवेश दिया गया। पुलिस की मुस्तैदी के चलते मंगलवार को शहर में माहौल शांत रहा।
हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की ओर से नाहन आने वाले रास्तों पर कांशीवाला और वाल्मीकि चौक के पास पुलिस ने कड़ा पहरा रखा।
दरअसल, पुलिस प्रशासन को सूचना मिली थी कि मंगलवार को पंजाब से निहंग सिख और हरियाणा व पंजाब से वाल्मीकि समुदाय के लोग नाहन पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं।
इसके मद्देनजर सोमवार रात से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। वाल्मीकि मोहल्ले और मोहल्ला गोबिंदगढ़ की ओर जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था अगले तीन दिनों तक जारी रहेगी।
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रिजर्व बटालियन के जवानों को भी तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक जिला सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने मंगलवार को शहर का लगातार निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पत्थरबाजी और तोड़फोड़ करने वालों की पहचान में जुटी पुलिस
23 अक्टूबर को वाल्मीकि चौक पर दो समुदायों के लोगों के बीच हुई पत्थरबाजी और चौक व वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की जांच जारी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे दृश्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, पहचान और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित युवकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया जा सकता है। इसके बाद तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाईचारा बनाए रखने की अपील की
नाहन में दोनों समुदायों के बीच हुई हिंसक घटना और महर्षि वाल्मीकि चौक को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद आपसी सौहार्द बहाल करने की अपील भी की गई।
वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर से बिल्लू वाल्मीकि और बुड्ढा दल अमृतसर से जत्थेदार अवतार सिंह (मोहाली वाले) नाहन पहुंचे। दोनों प्रतिनिधियों ने संयुक्त मीडिया बातचीत में समुदायों के लोगों से मतभेद भुलाकर आपसी भाईचारा बनाए रखने और एक-दूसरे से माफी मांगकर मामले को समाप्त करने का आग्रह किया।
दोनों प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से बीएनएसएस की धारा 163 हटाने का अनुरोध भी किया, ताकि शहर में सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद मिल सके।
पुलिस पूरी तरह अलर्ट : एसपी
पुलिस अधीक्षक सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने कहा कि नाहन शहर में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। बाहरी राज्यों से आने वाले सभी वाहनों की जांच के बाद ही शहर में प्रवेश दिया जा रहा है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

