संगड़ाह : जिला सिरमौर के संगड़ाह शिक्षा खंड की राजकीय माध्यमिक पाठशाला मंडोली में सोमवार को शिक्षा उपनिदेशक राजीव ठाकुर ने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान पढ़ाई और विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान संतोषजनक पाया गया। स्कूल की सुरक्षा को लेकर जिलाधीश की ओर से गठित कमेटी के तहत भी मौके पर जांच की गई। इसमें यह देखा गया कि माइन से निकलने वाले भारी वाहनों के स्कूल के पास से गुजरने के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और विद्यालय भवन को कोई खतरा तो नहीं है। इस निरीक्षण के दौरान डीएसपी संगड़ाह और जिला सिरमौर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) भी मौजूद रहे।
जांच में पाया गया कि स्कूल परिसर की तरफ सड़क के किनारे रिटेनिंग वॉल बनाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही कच्ची सड़क को इंटरलॉकिंग टाइलें लगाकर पक्का करने और सड़क पर क्रैश बैरियर स्थापित करने की जरूरत बताई गई।
उपनिदेशक एलीमेंट्री शिक्षा सिरमौर राजीव ठाकुर ने बताया कि इस बारे समग्र शिक्षा के कनिष्ठ अभियंता को तीन दिन के भीतर मौके पर पहुंचकर इन तीनों कार्यों के एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रस्ताव एसडीएम संगड़ाह के माध्यम से जिलाधीश को भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड भी जांचे गए। रोड सेफ्टी क्लब, इको क्लब, यौन उत्पीड़न शिकायत समिति की बैठकों, विभिन्न दिवसों के आयोजन और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठकों से संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन किया गया।
जांच में सामने आया कि विद्यालय में सभी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, लेकिन उनके रिकॉर्ड का उचित रखरखाव करने की जरूरत है। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गतिविधि के रिकॉर्ड में उसमें भाग लेने वाले विद्यार्थियों के नाम और उनकी जानकारी भी दर्ज की जाए।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर और सामान्य ज्ञान का भी निरीक्षण किया गया। दोनों का स्तर संतोषजनक पाया गया। विद्यालय में कार्यरत तीनों अध्यापक निरीक्षण के दौरान उपस्थित थे।
उन्होंने बताया कि पीएम पोषण योजना के तहत संचालित रसोईघर की सफाई व्यवस्था भी जांची गई, जो संतोषजनक मिली। इसके अलावा शौचालयों में पानी की उपलब्धता और साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक पाई गई।
अब स्कूल के आसपास सड़क सुरक्षा से जुड़े तीनों कार्यों के एस्टीमेट तैयार होने के बाद प्रस्ताव जिलाधीश को भेजा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

