बिलासपुर : हिमाचल सरकार ने बीपीएल (BPL) सूची में गलत तरीके से शामिल अपात्र परिवारों को बाहर करने और वास्तविक जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चयन प्रक्रिया के लिए संशोधित पात्रता मानदंड लागू किए हैं।
इसी क्रम में पहले हिमाचल सहित जिला बिलासपुर में सात चरणों की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद अब जिला में बीपीएल चयन के आठवें चरण (फेज-8) की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार पात्र परिवार 5 जुलाई, 2026 तक अपनी संबंधित ग्राम पंचायत में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के उपरांत ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाएगा और अंतिम सूची 15 जुलाई, 2026 तक प्रकाशित की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि जिला बिलासपुर में बीपीएल चयन के पहले सात चरणों के दौरान कुल 4,817 परिवारों की पहचान की जा चुकी है। इनमें विकास खंड सदर बिलासपुर के 1,480, घुमारवीं के 1,415, झंडूता के 1,642 और श्री नैना देवी जी विकास खंड के 280 परिवार शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार बीपीएल सूची से वंचित न रहे, जबकि अपात्र परिवारों को सूची से बाहर रखा जाए, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके।
राहुल कुमार ने बताया कि संशोधित पात्रता मानदंडों के अनुसार ऐसे परिवार आवेदन के पात्र होंगे, जिनमें केवल 27 वर्ष से कम आयु के बच्चे हों अथवा केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सदस्य हों और 27 से 59 वर्ष आयु वर्ग का कोई कमाऊ सदस्य न हो।
इसके अतिरिक्त महिला मुखिया वाले परिवार, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के अंतर्गत कम से कम एक दिन कार्य करने वाले परिवार, कैंसर, एचआईवी/एड्स, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया अथवा अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित कमाऊ सदस्य वाले परिवार, दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से अशक्त या बिस्तर पर पड़े कमाऊ सदस्य वाले परिवार तथा भूमिहीन परिवार भी पात्रता के दायरे में शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बीपीएल चयन के पहले सात चरणों में पात्र होने के बावजूद आय प्रमाण-पत्र अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत न कर पाने के कारण चयन से वंचित रह गए परिवारों को भी इस चरण में आवेदन करने का अवसर दिया गया है, ताकि कोई भी वास्तविक पात्र परिवार केवल तकनीकी कारणों से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों का कोई सदस्य आयकरदाता है, जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रुपए से अधिक है, जिनके पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि है अथवा जिनका कोई सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी या निजी सेवा में कार्यरत है, वे बीपीएल सूची के लिए पात्र नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि केवल आवेदन करना अथवा सर्वेक्षण में शामिल होना बीपीएल सूची में नाम शामिल होने की गारंटी नहीं है। अंतिम चयन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों, उपलब्ध सीमा तथा विस्तृत सत्यापन के आधार पर किया जाएगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने जिले के सभी पात्र परिवारों से निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी संबंधित ग्राम पंचायत में आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की।
साथ ही उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी चयन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई जाए, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
