चंबा में घुमंतू गुज्जर समुदाय के भविष्य की बड़ी पहल, शिक्षा से रोजगार तक सशक्तिकरण का रोडमैप तैयार

डीसी चंबा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में शनिवार को घुमंतू गुज्जर समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाओं से जोड़कर आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया।

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चंबा : डीसी चंबा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में शनिवार को घुमंतू गुज्जर समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाओं से जोड़कर आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चंबा जिले से आए गुज्जर समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव डीसी के समक्ष रखे, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।

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डीसी ने घुमंतू गुज्जर समुदाय के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रस्तुत सुझावों पर शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। इनमें गुज्जर हॉस्टल साहू में घुमंतू परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता देने, प्रवेश संबंधी औपचारिकताओं को सरल बनाने, बाहरवीं कक्षा तक शिक्षा उपलब्ध करवाने, रहने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने और हॉस्टल में बच्चों की संख्या 25 से बढ़ाकर 100 करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश शामिल हैं।

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इसके अतिरिक्त प्रतिनिधियों द्वारा गांव पहलुई, कुड़था, धनग्रां और खिलगानोतु में प्राथमिक पाठशालाएं खोलने, राजकीय उच्च पाठशाला कुरेना को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा देने, चुराह तहसील की भगेइगड़ पंचायत के कंगेला गांव में माध्यमिक पाठशाला खोलने, सरकार द्वारा बंद किए गए गुज्जर हॉस्टल किहार एवं कलसुईं को पुनः आरंभ करने व तीसा तहसील में नया गुज्जर हॉस्टल खोलने की मांग पर डीसी ने शिक्षा विभाग को इस दिशा में संभावनाएं तलाश कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

डीसी ने संबंधित विभाग को यह भी निर्देश दिए कि दूरदराज के ऐसे क्षेत्रों, जहां विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां समग्र शिक्षा अभियान के तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के विद्यालय से वंचित बच्चों के लिए गैर-आवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र (एनआरएसटी) स्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप विशेष शिक्षा प्रदान की जा सके।

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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए डीसी ने स्वास्थ्य विभाग को गुज्जर समुदाय के लिए जागरूकता शिविर एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए समुदाय के कुछ लोगों को स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षित करने और विशेष रूप से महिलाओं को दाई का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही बच्चों के लिए मोबाइल आंगनबाड़ी केंद्र शुरू करने के लिए भी जरूरी कार्यवाही करने हेतु संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया।

प्रतिनिधियों की मांग पर डीसी ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए संबंधित विभाग को उपयुक्त समाधान तलाशने के निर्देश दिए। वहीं, गुज्जर समुदाय की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को व्यवस्थित कर उसे मिल्कफेड से जोड़ने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।

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बैठक में एसडीएम प्रियांशु खाती, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, बीडीओ महेश चंद ठाकुर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विकास महाजन, प्रारंभिक शिक्षा विभाग से बलबीर सिंह, उच्च शिक्षा विभाग गुणवत्ता से भाग सिंह, अध्यक्ष गुज्जर कल्याण सभा हसन दीन, सचिव मोहम्मद रफी, प्रेस सचिव अलादित्ता सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।