
चंबा : भगवान भोले की पावन एवं पवित्र मणिमहेश यात्रा बुधवार से शुरू हो गई है। 20 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने करीब एक हजार जवानों की तैनाती की है।
यात्रा के दौरान 28 अगस्त को रक्षा बंधन स्नान, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का छोटा शाही स्नान और 18 सितंबर को राधाष्टमी का बड़ा शाही स्नान होगा। बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं होगी। भरमौर से मणिमहेश के लिए रोजाना 5,000 श्रद्धालु भेजे जाएंगे।
चौरासी मंदिर भरमौर के पुजारी पंडित छज्जू राम शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी स्नान का शुभ मुहूर्त तीन सितंबर की रात 2:26 बजे से शुरू होगा। चार सितंबर को पूरा दिन ब्रह्म मुहूर्त रहेगा और श्रद्धालु रात 12:14 बजे तक पवित्र स्नान कर सकेंगे। वहीं राधाष्टमी पर्व 18 सितंबर को दोपहर एक बजे शुरू होगा और 19 सितंबर शाम 3:28 बजे तक चलेगा।
हड़सर से मणिमहेश झील तक श्रद्धालुओं को 13 किलोमीटर से अधिक का पैदल सफर तय करना पड़ता है। यात्रा मार्ग पर धनछो, सुंदरासी, गौरीकुंड और शिव कुंड के पास श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है।
इनमें मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के खाने-पीने के लिए लंगर और जगह-जगह रहने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है। इस यात्रा के लिए हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मणिमहेश झील समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
यात्रा के दौरान प्रशासन ने समय को लेकर भी व्यवस्था निर्धारित की है। श्रद्धालुओं को शाम सात बजे के बाद हड़सर से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। रात सात बजे से सुबह चार बजे तक यात्रा बंद रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
4 हेली टैक्सी सेवाएं देंगी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेली टैक्सी सेवा भी शुरू हो गई है। इस बार चार हेली टैक्सियां श्रद्धालुओं को मणिमहेश ले जाने और वापस लाने का काम करेंगी। इनकी उड़ान मौसम पर निर्भर करेगी। खराब मौसम और धुंध की स्थिति में हेली टैक्सी सेवा रोकी जा सकती है। इसी तरह, श्रद्धालु घोड़े और खच्चरों से भी यह यात्रा कर सकेंगे।
