
शिमला/नाहन : जापान में आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स के लिए सोमवार को भारतीय महिला कबड्डी टीम की घोषणा कर दी गई। बेंगलुरु में करीब एक माह तक चले चयन शिविर के बाद घोषित 12 सदस्यीय भारतीय टीम में हिमाचल प्रदेश की चार बेटियों ने जगह बनाई है। इनमें सिरमौर की रितु नेगी और पुष्पा राणा, सोलन की ज्योति ठाकुर और मंडी की भावना ठाकुर शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव कुलदीप राणा ने बताया कि भारतीय महिला टीम में हिमाचल की चार खिलाड़ियों का चयन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। सिरमौर की रितु नेगी और पुष्पा राणा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही अपनी पहचान बना चुकी हैं। रितु नेगी भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं, जबकि पुष्पा राणा हिमाचल प्रदेश महिला कबड्डी टीम की कप्तान और भारतीय टीम की उपकप्तान रह चुकी हैं।
भारतीय टीम में संजू देवी, पूजा कजला, रितु शेरोंन, पिंकी राय, मनीषा कुमारी, राजरानी और नीतिका कुमारी को भी शामिल किया गया है।
रितु नेगी ने शिलाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बनाई पहचान
सिरमौर के दुर्गम शिलाई विधानसभा क्षेत्र के शरोग गांव की रितु नेगी ने ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कबड्डी में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने शिलाई स्कूल में आठवीं कक्षा से कबड्डी खेलना शुरू किया। वर्ष 2006 में राज्य स्तरीय खेल ट्रायल के माध्यम से उनका चयन स्पोर्ट्स हॉस्टल बिलासपुर के लिए हुआ, जहां उन्होंने करीब आठ वर्ष तक प्रशिक्षण लिया।
रितु नेगी ने हिमाचल की ओर से खेलते हुए कई राष्ट्रीय पदक जीते और बाद में भारतीय महिला कबड्डी टीम में जगह बनाई। वह एशियन गेम्स 2023 में भारतीय टीम की कप्तान रही हैं। इसके अलावा उन्होंने जूनियर एशिया चैंपियनशिप में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। वर्ष 2025 में महिला कबड्डी विश्व कप में भारतीय टीम के स्वर्ण पदक जीतने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रितु नेगी को वर्ष 2014 में भारतीय रेलवे में नौकरी मिली। वर्तमान में वह हैदराबाद में ऑफिस सुपरीटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारतीय टीम की कप्तान के रूप में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
पुष्पा राणा ने पिता से सीखी कबड्डी की बारीकियां
सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के शिलाई के मिल्लाह गांव की पुष्पा राणा ने बचपन में ही अपने पिता जयपाल और भाई संजीव से कबड्डी की बारीकियां सीखनी शुरू कर दी थीं। उनके पिता शिक्षक होने के साथ कबड्डी खिलाड़ी भी रहे हैं। परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन से पुष्पा ने स्कूल स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।
पुष्पा राणा राइट रेडर के रूप में खेलती हैं और रेडिंग के साथ डिफेंस में भी प्रभावी प्रदर्शन के लिए जानी जाती हैं। वह हिमाचल प्रदेश महिला कबड्डी टीम की कप्तान और भारतीय महिला कबड्डी टीम की उपकप्तान रह चुकी हैं।
उनकी कप्तानी में हिमाचल की टीम ने राष्ट्रीय खेलों में लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर उपलब्धि हासिल की। पुष्पा राणा ने महिला कबड्डी विश्व कप 2025, एशियन कबड्डी चैंपियनशिप 2025, एशियन गेम्स, दक्षिण एशियाई खेलों समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी पुष्पा राणा के नाम कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हैं। उन्होंने नेशनल गेम्स, सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और फेडरेशन कप जैसी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।
हिमाचल की चार बेटियों के भारतीय महिला कबड्डी टीम में चयन से प्रदेश के खेल जगत में खुशी का माहौल है। विशेषकर सिरमौर की रितु नेगी और पुष्पा राणा के चयन को शिलाई क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
