शिमला : हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात करीब 10:04 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 दर्ज की गई।
करीब दो सेकंड भूकंप के झटके शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा सहित कई क्षेत्रों में महसूस किए गए, जिससे लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। इससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण प्रदेश में कहीं से भी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। कुछ सेकेंड तक महसूस हुए झटकों के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
जानिए क्यों आता है भूकंप
धरती मुख्य रूप से चार परतों- इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट से बनी है। क्रस्ट और ऊपरी मैनटल के हिस्से को लिथोस्फेयर कहा जाता है। यह करीब 50 किलोमीटर मोटी परत कई हिस्सों में बंटी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेट्स लगातार गतिशील रहती हैं। जब इन प्लेटों के बीच अधिक दबाव या हलचल पैदा होती है तो ऊर्जा के अचानक मुक्त होने से भूकंप आता है।
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है, जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल शुरू होती है और धरती कांपने लगती है। केंद्र के आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महसूस किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7 या उससे अधिक हो तो उसके केंद्र से लगभग 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटके महसूस हो सकते हैं।
