
नाहन : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सोमवार को नाहन में आयोजित प्रेस वार्ता में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो भारतीय जनता पार्टी जनता के साथ मिलकर जन आंदोलन करेगी।
पावर ऑफ अटॉर्नी हिमाचल में बनने पर उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर जिलों, विशेषकर सिरमौर और सोलन में जमीन से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में न जमीन का मालिक हिमाचल का है, न जमीन खरीदने वाला हिमाचल का है और जमीन भी हिमाचल प्रदेश की नहीं है, इसके बावजूद संबंधित पावर ऑफ अटॉर्नी हिमाचल प्रदेश में बनाई जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन संपत्तियों की रजिस्ट्री हरियाणा, पंजाब या दिल्ली में होनी चाहिए, उनसे जुड़े दस्तावेज हिमाचल में क्यों तैयार किए जा रहे हैं? डॉ. बिंदल ने प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग करते हुए कहा कि इसके पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह कार्य हो रहा है, इसका खुलासा होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को जनहित में तत्काल संज्ञान में लेकर जांच करवाई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सड़कें बनीं डेथ ट्रैप
डॉ. बिंदल ने पांवटा साहिब से लेकर कालाअंब तक चलने वाले बड़े-बड़े ट्रालों और टिप्परों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये वाहन दिन-रात सड़कों पर खड़े रहते हैं। कई ट्राले 50-50 फुट लंबे और ओवरलोड होते हैं तथा इनके खराब होने पर घंटों तक यातायात बाधित रहता है।
उन्होंने कहा कि कई बार 8 से 10 घंटे तक जाम की स्थिति रहती है और एंबुलेंस तक रास्ते में फंसी रहती हैं। उन्होंने हाल ही में एक युवा की ट्राले की चपेट में आने से हुई मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार के वाहन क्षेत्र के लोगों के लिए डेथ ट्रैप बन गए हैं।
बिंदल ने सरकार से सवाल किया कि इन वाहनों को कौन-कौन सी परमिशन दी गई है? इनमें माल कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है? क्या सरकार को इनसे पूरा टैक्स मिल रहा है और बिना नंबर के वाहन सड़कों पर कैसे चल रहे हैं? क्या इसमें मंत्रियों कि कोई मिली भगती है? उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इसके पीछे किन लोगों का संरक्षण या मिलीभगत है।
पशु चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि क्षेत्र का किसान इस समय लंपी डिजीज जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। वर्षों बाद पशुओं में यह बीमारी तेजी से फैल रही है और क्षेत्र में 50 से अधिक कीमती पशुओं की मौत होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि एक-एक गाय और भैंस की कीमत लगभग एक लाख रुपये तक होती है। ऐसे में पशुओं की मौत से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा पशु चिकित्सा सुविधाओं को कमजोर किया गया है और कई पशु चिकित्सालय बंद कर दिए गए हैं। लंपी डिजीज और अन्य पशु रोगों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं है।
किसान जब अपने बीमार पशुओं को लेकर चिकित्सालय पहुंचता है तो उसे घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंपी डिजीज की रोकथाम, दवाइयों की उपलब्धता और पशु चिकित्सा सेवाओं को तत्काल मजबूत किया जाए।
बढ़ते चोरी मामलों से लोगों में भय का माहौल
डॉ. बिंदल ने नाहन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आम नागरिक का जीवन कठिन होता जा रहा है और चोर बेखौफ होकर घरों तथा दुकानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे क्षेत्र की जनता में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन को कानून व्यवस्था को मजबूत करते हुए चोरियों पर तत्काल अंकुश लगाना चाहिए।
जनहित के मुद्दों पर भाजपा चुप नहीं बैठेगी
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा जनता से जुड़े इन सभी मुद्दों को गंभीरता से उठा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इन मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए और जनता को जवाब दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित से जुड़े इन मुद्दों का समाधान नहीं किया तो भाजपा जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और व्यापक जन आंदोलन करेगी।
