हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के नादौन उपमंडल के तहत तहसील रक्कड़ के गांव कठियाना निवासी सुरजीत कुमार भारतीय तटरक्षक बल से 37 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं। देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और आपदा के कठिन समय में हजारों लोगों की जान बचाने वाले सुरजीत कुमार अब अपने जीवन को गांव और समाज की सेवा के लिए समर्पित करेंगे।
10 मार्च 1969 को जन्मे सुरजीत कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जीएसएसएस गरली से प्राप्त की, जबकि उच्च शिक्षा दिल्ली से पूरी की। उन्होंने 4 मई 1989 को भारतीय तटरक्षक बल में सेवा शुरू की और अपने लंबे कार्यकाल में विभिन्न कोस्ट गार्ड स्टेशनों और जहाजों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
सेवा के दौरान सुरजीत कुमार ने कई साहसिक अभियानों में अपनी वीरता का परिचय दिया। चक्रवात हुदहुद और फिलिन के दौरान उन्होंने जोखिम उठाकर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बचाया। चेन्नई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू सेंटर में तैनाती के दौरान विदेशी नागरिकों की जान बचाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया।
वर्ष 2013 में विशाखापत्तनम के पास समुद्र में डूब रही मछली पकड़ने वाली नाव के चालक दल को सुरक्षित बचाने के लिए उन्हें महानिदेशक भारतीय तटरक्षक पदक (डीजी आईसीजी मेडल) से सम्मानित किया गया।
देशभक्ति की मजबूत पृष्ठभूमि वाले परिवार से संबंध रखने वाले सुरजीत कुमार के पिता कैप्टन संसार चंद सेना से सेवानिवृत्त होने के साथ ग्राम पंचायत मनियाला के पूर्व प्रधान भी रहे हैं। उनके बड़े भाई ने भी सेना और आईपीएच विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं।
सुरजीत कुमार ने कहा कि 37 वर्षों तक राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा करना उनके लिए गर्व की बात रही और अब वह अपने गांव की मिट्टी की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए वह गांव के विकास और स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
