
नाहन : आईआईएम सिरमौर के छात्र प्रारब्ध शुक्ला का शनिवार को पांवटा साहिब के स्वर्ग धाम में अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने आईआईएम सिरमौर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रारब्ध के पिता अनुपम शुक्ल और चाचा श्याम जी शुक्ल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि संस्थान की ओर से समय पर सूचना मिलने पर स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने कहा कि प्रारब्ध पिछले कुछ दिनों से उनके फोन का जवाब नहीं दे रहा था। इसके बाद शुक्रवार को हॉस्टल वार्डन से संपर्क किया, जहां से उन्हें घटना की जानकारी मिली।
परिजनों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में आईआईएम सिरमौर में दाखिला लेने के समय प्रारब्ध पूरी तरह स्वस्थ था। आरोप है कि आईआईएम के छात्रों व स्टाफ ने उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया। उनके अनुसार, संस्थान में छात्रों और स्टाफ के व्यवहार को लेकर उसने प्रबंधन से शिकायत भी की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि इन परिस्थितियों के चलते प्रारब्ध मानसिक तनाव में चला गया था।
परिजनों ने कहा कि इस घटना की जानकारी पीएमओ को भी भेजेंगे। प्रारब्ध के पिता अनुपम शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद उन्हें जानकारी मिली कि प्रारब्ध ने दो दिन पहले चाकू से अपना हाथ भी काट लिया था। उसकी मृत्यु करीब 20 घंटे पहले हुई थी। आखिर क्यों प्रबंधन ने उसके हॉस्टल की जांच नहीं की, क्यों नहीं देखा कि वह पेपर देने भी नहीं गया। आखिर किस की लापरवाही से प्रारब्ध में अपनी जान ली।
उधर, आईआईएम सिरमौर के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल अग्निहोत्री ने कहा कि संस्थान ने अपना एक छात्र खोया है और इस दुख की घड़ी में प्रबंधन परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
