तीन दिन की विशेष राजस्व अदालतों में तकसीम के 58 मामलों का निपटारा

डीसी ने कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। दुरुस्ती से संबंधित सभी लंबित राजस्व मामलों को 31 मार्च, 2026 तक निपटाने का लक्ष्य तय किया गया है

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मंडी : डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेशों की अनुपालना करते हुए इस सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को जिलेभर में आयोजित विशेष राजस्व अदालतों में तकसीम (हुकमी व खानगी) के 58 मामलों का निपटारा किया गया। उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में वर्चुअल माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में इन मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

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उन्होंने बताया कि जिले की 48 तहसीलों व उपतहसीलों में इस अवधि के दौरान नायब तहसीलदार चच्योट ने 8, तहसीलदार बल्ह ने 7, जबकि तहसीलदार बलद्वाड़ा और नायब तहसीलदार बगसाड़ ने 6-6 मामलों का निपटारा किया। पहली अप्रैल से 31 दिसंबर तक जिले में तकसीम के 1850 और निशानदेही के 3085 मामलों का समाधान किया जा चुका है, जो राजस्व मामलों के निस्तारण में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।

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डीसी ने सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि निर्धारित तीन दिनों में सुनवाई व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुरूप जिले में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार के निर्णय के तहत अब जिले में प्रत्येक माह तकसीम मामलों की 12 दिन सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी और शनिवार को जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।

डीसी ने कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। दुरुस्ती से संबंधित सभी लंबित राजस्व मामलों को 31 मार्च, 2026 तक निपटाने का लक्ष्य तय किया गया है और सभी अधिकारी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।

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