शिमला : चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने के लिए ग्राम पंचायत जुन्गा के सभागार में विशेष ग्राम सभा बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधान बंसी लाल कश्यप ने की। इस मौके पर प्रधान ने चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने बारे ग्राम सभा में मौजूद लोगों को शपथ दिलाई। बैठक में सिविल अस्पताल जुन्गा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मनोज वर्मा ने चिट्टा के दुष्प्रभाव बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चिट्टा अफीम से तैयार किया गया एक पदार्थ है, जिसके सेवन से कई युवा अपना बहुमूल्य जीवन बर्बाद कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि चिट्टे का सेवन मनुष्य के शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक है, इसका इस्तेमाल करने से थकान, चक्कर आना, मतली, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, कंपकपी जैसी अनेक बीमारियां लगती हैं। युवा शुरूआती दौर में शौक से इसका सेवन करते हैं और बाद में चिट्टा के आदि बन जाते हैं और नशे की लत को पूरा करने के लिए अपने माता के आभूषण तक बेच देते हैं।
प्रधान बंसी लाल कश्यप ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के आसपास चिट्टा की तस्करी करने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं जो शुरू में बच्चों को मुफ्त चिट्टा का सेवन करवाते हैं और बाद में बच्चे इसके आदी बन जाते हैं। उन्होंने ऐसे गिरोह पर कड़ी नजर रखने की सलाह दी। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने का आग्रह किया, ताकि बच्चे किसी नशे का शिकार बनकर अपना जीवन बर्बाद न कर दें।
इस मौके पर पुलिस चौकी प्रभारी अमर नाथ ठाकुर ने बताया कि चिट्टा की तस्करी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है । जुन्गा तहसील में अभी तक चिट्टा का कोई मामला सामने नहीं आया है। बैठक में पंचायत सचिव मीरा शर्मा, पुलिस आरक्षी विनोद कुमार, आंगनाबाड़ी कार्यकर्ता प्रीती व सुमन सूद सहित अन्य काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।


