केंद्रीय बजट जन एवं संघीय विरोधी, हिमाचल प्रदेश की हुई अनदेखी : डॉ. कुलदीप तंवर

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। हिमाचल प्रदेश एक रेवेन्यू डेफिसिट वाला राज्य है और गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस बजट में वित्त मंत्री ने राज्य को कुछ भी नहीं दिया है और 16वें वित्त आयोग के तहत राज्य को मिलने वाले रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का भी स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं किया गया

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शिमला : सीपीआई(एम) और किसान सभा ने केंद्रीय बजट को जन एवं सघीय विरोधी करार दिया है। किसान सभा के राज्यध्यक्ष एवं सीपीआई (एम) पदाधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट में कुछ बड़े व्यापारिक घरानों और अमीर व धनी लोगों को लाभ पहुंचाने का स्पष्ट रूप से प्रयास किया गया है, जो मेहनतकश लोगों और समाज के शोषित वर्गों के साथ-साथ बड़े राष्ट्रीय आर्थिक हितों की कीमत पर किया गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्यों के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। हिमाचल प्रदेश एक रेवेन्यू डेफिसिट वाला राज्य है और गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस बजट में वित्त मंत्री ने राज्य को कुछ भी नहीं दिया है और 16वें वित्त आयोग के तहत राज्य को मिलने वाले रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का भी स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं किया गया, जैसा कि सरकार ने मांग की थी। 2023 के बाद भारी बारिश के कारण आपदाओं में राज्य को भारी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार द्वारा किए गए आकलन के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 में आपदा के कारण हुआ नुकसान 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। आपदा राहत के लिए विशेष पैकेज देने के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार से बार-बार मांग करने के बावजूद कोई ग्रांट नहीं दी गई है।

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डॉ. तंवर ने कहा कि बागवानी और पर्यटन दो मुख्य क्षेत्र हैं जो राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में पर्यटन और बागवानी क्षेत्र को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ किए मुक्त व्यापार समझौते के बाद आयात शुल्क कम कर दिया गया है। बजट में राज्य में हवाई और रेल कनेक्टिविटी के विकास का कोई जिक्र नहीं है। सड़क नेटवर्क भी बेहतर स्थिति में नहीं है, ताकि पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

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