नाहन : नगर परिषद नाहन के चुनाव में भाजपा ने लगातार तीसरी बार परचम लहरा दिया है। तमाम 13 वार्डों पर लड़े गए इन चुनाव में भाजपा ने 7 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट गई।
हालांकि, इस दौरान कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन अंतिम दौर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल की रणनीति और संगठनात्मक पकड़ भाजपा के लिए निर्णायक साबित हुई।
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका कांग्रेस को वार्ड नंबर-9 में लगा, जहां विधायक अजय सोलंकी अपने ही वार्ड की कांग्रेस प्रत्याशी कुसुम देवी की सीट नहीं बचा पाए।
भाजपा प्रत्याशी कौशल्या ने 95 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर मुकाबले का रुख भाजपा की ओर मोड़ दिया। वहीं अमरपुर वार्ड नंबर-5 से भाजपा प्रत्याशी सीमा अत्री ने कांग्रेस की समीना खान को 580 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पूरे चुनाव की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। सीमा अत्री को 846, जबकि समीना खान को 266 वोट मिले।
ढाबों मोहल्ला वार्ड नंबर-1 में कांग्रेस समर्थित कपिल गर्ग उर्फ मोंटी ने भाजपा के शुभम सैनी को 280 वोटों से हराकर कांग्रेस का खाता खोला। खास बात यह रही कि दोनों प्रत्याशी इस वार्ड के मूल निवासी नहीं थे, बावजूद इसके मोंटी को 772 और शुभम सैनी को 492 वोट मिले।
वार्ड नंबर-2 में कांग्रेस के नरेंद्र सिंह तोमर ने भाजपा के मनीष जैन को महज 40 वोटों से हराया। यह मुकाबला पूरे चुनाव का सबसे करीबी मुकाबला रहा। मनीष जैन को टिकट चुनाव से कुछ दिन पहले मिला था, जबकि नरेंद्र तोमर लंबे समय से वार्ड में सक्रिय थे और दूसरी बार चुनाव लड़े।
वार्ड नंबर-3 में कांग्रेस की उपमा धीमान ने भाजपा प्रत्याशी आशा भारद्वाज को 298 वोटों से हराया। यहां भाजपा की अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आई, जब लीला सैनी निर्दलीय मैदान में उतर गईं। इस वार्ड में उपमा धीमान को 721, आशा भारद्वाज को 423 और लीला सैनी को 62 वोट मिले।
शमशेर गंज वार्ड नंबर-4 में भाजपा की पूजा तोमर उर्फ मोना ने कांग्रेस की श्रद्धा शर्मा को 250 वोटों से हराया। पूजा तोमर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय रेखा तोमर की पुत्रवधू हैं और भाजपा ने इस जीत को परिवार की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा।
वार्ड नंबर-5 अमरपुर भाजपा के लिए सबसे बड़ी जीत लेकर आया। यहां सीमा अत्री ने कांग्रेस की समीना खान को 580 वोटों से हराया। सीमा अत्री पूर्व भाजपा नेत्री स्वर्गीय मधु अत्री की पुत्रवधू हैं और उनकी जीत ने भाजपा संगठन को सबसे ज्यादा मजबूती दी।
वार्ड नंबर-6 नया बाजार कांग्रेस के खाते में गया, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेश कुमार गुप्ता उर्फ सुक्खू भाई ने भाजपा की अर्पिता को 312 वोटों से हराया। योगेश गुप्ता को 478, जबकि अर्पिता बक्शी को 166 वोट मिले।
वार्ड नंबर-7 में कांग्रेस के राकेश गर्ग ऊर्फ पपली ने भाजपा के युवा चेहरे अभिषेक चौधरी को हराया। हालांकि पहली बार चुनाव लड़ रहे अभिषेक चौधरी ने अन्य वार्ड से आकर इस वार्ड से चुनाव लड़कर 319 वोट लेकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
वार्ड नंबर-8 में भाजपा के संजय चौहान ने कांग्रेस समर्थित वीरेंद्र पासी को 309 वोटों से हराया। माना जा रहा है कि सबसे बड़ा उलटफेर इसी वार्ड में हुआ। कांग्रेस को इस वार्ड से स्थानीय उम्मीदवार नहीं मिल पाया, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला। संजय चौहान ने 590 वोट हासिल कर सबको चौंका दिया।
कच्चा टैंक वार्ड नंबर-10 से कांग्रेस के वसीम खान ने भाजपा के संजय पुंडीर को 205 वोटों से हराया। संजय पुंडीर भाजपा मंडल अध्यक्ष होने के साथ पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा पुंडीर के पति और सांसद सुरेश कश्यप के रिश्तेदार भी हैं।
वार्ड नंबर-11 में भाजपा की संध्या अग्रवाल लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहीं। उन्होंने कांग्रेस की हरजीत कौर को महज 150 वोटों से हराया। यह मुकाबला देर रात तक सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
वार्ड नंबर-12 में भाजपा के प्रदीप सहोत्रा ने कांग्रेस के राकेश उर्फ चन्ना को हराया। यहां निर्दलीय उम्मीदवारों ने कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया। भाजपा को 650, कांग्रेस को 534 और निर्दलीय को कुल 139 वोट मिले।
सबसे निर्णायक साबित हुए वार्ड नंबर-13 में भाजपा की संजना कौर ने कांग्रेस की सर्वजीत कौर को हराकर भाजपा को सातवीं और निर्णायक सीट दिलाई। भाजपा को 537, कांग्रेस को 456 और निर्दलीय ज्योति को 268 वोट मिले। इसी जीत ने नगर परिषद की सत्ता का पूरा गणित बदल दिया।
परिणाम सामने आने के बाद नाहन शहर देर रात तक जश्न में डूबा रहा। भाजपा और कांग्रेस समर्थकों ने अपने-अपने वार्डों में मिठाइयां बांटी और नारेबाजी की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और विधायक अजय सोलंकी ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए विजेता प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं।
अब सबकी नजर नगर परिषद के गठन और आगे बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई है। कांग्रेस भले ही सत्ता से दूर रह गई हो, लेकिन 6 सीटों के साथ उसने भाजपा को कड़ी चुनौती देकर यह साफ कर दिया है कि नाहन की राजनीति आने वाले समय में और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है।