पांवटा साहिब : गुरू की नगरी पांवटा साहिब में बुधवार को नगर परिषद गठन को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जहां निर्दलीय जीतकर आए पार्षदों ने कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इसके बाद भाजपा अब लगातार पांचवीं बार पांवटा साहिब नगर परिषद पर कब्जा करने की स्थिति में पहुंच गई है।
भाजपा पांवटा साहिब मंडल अध्यक्ष हितेंद्र कुमार ने भाजपा और निर्दलीय जीतकर आए पार्षदों के साथ पत्रकार वार्ता कर समर्थन का दावा पेश किया। बता दें कि नाहन की तरह पांवटा साहिब में भी नगर परिषद अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है।
ऐसे में भाजपा ने पूर्व अध्यक्ष रह चुकी निर्मल कौर को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए वार्ड नंबर 9 से निर्दलीय जीतकर आए इंद्रजीत सिंह मिक्का का नाम तय किया गया है।
भाजपा समर्थित सदस्यों में वार्ड नंबर 2 से आशा मिन्हास, वार्ड नंबर 3 से राजरानी और वार्ड नंबर 5 से सर्वशक्ति भटनागर शामिल हैं। वहीं वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय मयंक चौहान, वार्ड नंबर 12 से ममता सैनी और वार्ड नंबर 13 से निर्दलीय कुलदीप चौधरी ने भी भाजपा को समर्थन दे दिया है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हितेंद्र कुमार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर परिषद विकास कार्यों के लिए कांग्रेस सरकार ने पर्याप्त धनराशि स्वीकृत नहीं की, लेकिन विधायक सुखराम चौधरी ने नगर परिषद में फंड की कमी नहीं आने दी।
उन्होंने कहा कि आगे भी केंद्रीय बजट, सांसद निधि और विधायक निधि से विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पांवटा साहिब का विकास लगातार जारी रहे।
उन्होंने कहा कि करीब 20 वर्षों बाद नगर परिषद पर कब्जे के दावे कर रही कांग्रेस को भाजपा ने बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। एक सवाल के जवाब में हितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की अधिसूचना जारी होते ही भाजपा अपने सभी आठ समर्थित पार्षदों के साथ एसडीएम के समक्ष नगर परिषद गठन का दावा पेश करेगी।
बता दें कि अबतक निर्दलीयों को साथ लेकर कांग्रेस नगर परिषद पर कब्जा जमाने के खूब दावे कर रही थी, लेकिन एन वक्त पर भाजपा ने यहां खेला कर दिया। निर्दलीय चुनाव जीते पार्षदों को अपने पाले में लेकर भाजपा ने कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर दिया। कहीं न कहीं कांग्रेस के दो गुटों में चल रही आपसी खींचतान और कलह ने हाथ में आई नगर परिषद को गंवा दिया।