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ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में ऊना में बंद रहे मेडिकल स्टोर, केमिस्टों ने जताया विरोध

यह बंद केमिस्ट संगठनों के आह्वान पर किया गया, जिसमें ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के नेतृत्व में देशभर के दवा विक्रेताओं ने भाग लिया।

ऊना : हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में बुधवार को मेडिकल स्टोर 24 घंटे के लिए बंद रहे। यह बंद केमिस्ट संगठनों के आह्वान पर किया गया, जिसमें ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के नेतृत्व में देशभर के दवा विक्रेताओं ने भाग लिया।

ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में उतरे केमिस्टों ने कहा कि ई-फार्मेसी और बड़े कॉरपोरेट दवा घरानों द्वारा भारी छूट (डिस्काउंट) दिए जाने से छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जाए, कॉरपोरेट कंपनियों के अत्यधिक डिस्काउंट पर नियंत्रण किया जाए और नकली दवाओं पर सख्त कार्रवाई हो।

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जिला ऊना में भी इस बंद का व्यापक असर देखने को मिला। जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष चड्ढा ने बताया कि जिले में बंद का असर लगभग 100 प्रतिशत रहा और सभी केमिस्टों ने एकजुटता के साथ हड़ताल को सफल बनाया।

हड़ताल के दौरान जिला भर के केमिस्ट एमसी पार्क में एकत्रित हुए, जहां दवा व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी कर अपनी मांगों को बुलंद किया। इसके उपरांत केमिस्ट प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

इस दौरान महासचिव अमरजीत सिंह मिंटू सहित सौरभ लूंबा, संजय कौशल, अजय कौशल, नवीन भारद्वाज, दीपक खन्ना, त्रिविक्रम शर्मा, नवदीप कश्यप, रछपाल शर्मा, अजय जगोता, सर्वेश, पंकज मेहता, समेश, परमजीत सैनी, विजय साहनी, हरमिंदर सिंह, संजीव नकई और संजीव सांभर समेत कई केमिस्ट पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने हड़ताल को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

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मनीष चड्ढा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं है, जिससे अवैध और बिना जांच वाली दवाइयां गलत लोगों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने सरकार से इस दिशा में सख्त कदम उठाने की मांग की।

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