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8 जगहों पर ‘आपदा’ का अलर्ट, 1.50 लाख लोगों के बेघर होने का बनाया परिदृश्य; सिरमौर में हुई मेगा मॉक ड्रिल

जिला सिरमौर में आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी उपमंडलों में आठ अलग-अलग स्थलों पर भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, वनाग्नि, आगजनी और भवन ध्वस्त होने जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियां बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

नाहन : जिला सिरमौर में आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी उपमंडलों में आठ अलग-अलग स्थलों पर भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, वनाग्नि, आगजनी और भवन ध्वस्त होने जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियां बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इस अभ्यास में 2,500 मृतक, 18,000 घायल, 6,000 अस्पताल में भर्ती और 1.50 लाख लोगों के बेघर होने की काल्पनिक स्थिति को आधार बनाकर विभागों की तैयारियों का आकलन किया।

जिला प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और विभिन्न विभागों के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस मेगा मॉक ड्रिल के तहत नाहन में रुचिरा पेपर्स मिल में आग लगने और भूकंप से नुकसान होने के साथ बनेठी क्षेत्र में रात्रिकालीन वनाग्नि की स्थिति बनाई गई। वहीं पच्छाद के एसवीएन कॉलोनी सराहां और राजगढ़ के शिरगुल मार्केट चौक में भवन ध्वस्त होने, पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल क्षेत्र में भूस्खलन, शिलाई के टिंबी क्षेत्र में बाढ़ और भवन ध्वस्त होने, कफोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सतौन में आगजनी और भवन ध्वस्त होने तथा संगड़ाह के पुरानी तहसील रेणुकाजी में भवन ध्वस्त होने के परिदृश्यों का अभ्यास किया गया।

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अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों ने खोज एवं बचाव अभियान चलाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने, अस्पतालों तक पहुंचाने, राहत शिविर स्थापित करने, प्रभावित लोगों के पुनर्वास, संचार व्यवस्था बहाल करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रियाओं का परीक्षण किया।

इस मेगा मॉक ड्रिल में पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा राहत शिविरों की स्थापना, खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के साथ आपदा के समय वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन की व्यवस्थाओं का भी अभ्यास किया गया।

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कार्यकारी उपायुक्त सिरमौर एल.आर. वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर जिला आपदा प्रबंधन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों और आम नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता और विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है और भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।

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