नाहन : नाहन-रेणुकाजी सड़क पर नेहली के समीप रविवार शाम करीब सवा छह बजे पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने के बाद मार्ग यातायात के लिए प्रभावित हो गया। बारिश के बीच अचानक पत्थर गिरने से सड़क के दोनों ओर बसों समेत छोटे-बड़े वाहनों की कतारें लग गईं। इस कारण यात्रियों और वाहन चालकों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
बता दें कि नेहली के समीप ये पहाड़ी पिछले साल मानसून के दौरान दरकी थी। इसके बाद से ही इस हिस्से में लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। रविवार को बारिश के बीच एक बार फिर पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
सड़क पर पत्थर गिरने के बाद कई मुसाफिरों ने खुद छोटे पत्थरों को हटाने का प्रयास किया, ताकि छोटे वाहनों को किसी तरह निकाला जा सके। हालांकि बड़े पत्थरों के कारण मार्ग को पूरी तरह खोलना संभव नहीं हो सका। इन्हें हटाने के लिए यात्रियों और वाहन चालकों को जेसीबी मशीन के पहुंचने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति बनी रही।
स्थानीय लोगों के अनुसार नेहली के इस हिस्से में पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी पर कई बड़ी चट्टानें अभी भी फंसी हुई हैं, जो बारिश के दौरान कभी भी नीचे खिसककर सड़क पर गिर सकती हैं। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों के लिए हर समय खतरा बना रहता है।
इससे पहले भी पहाड़ी से पत्थर गिरने और भूस्खलन के कारण नाहन-रेणुकाजी सड़क कई बार बंद हो चुकी है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर बन रही है। यहां से गुजरते वक्त यात्री इस वजह से हर वक्त दहशत में रहते हैं कि न जाने कब बड़ी चट्टानें नीचे आ गिरे। वहीं, बार-बार मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ साथ यात्रियों और पर्यटकों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
नाहन-रेणुकाजी सड़क पर दिनभर बसों के साथ बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में नेहली के समीप लगातार बने भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों की सुरक्षा और सड़क को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी उपाय किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। लोक निर्माण विभाग को चाहिए कि पहाड़ी से बड़ी चट्टानें जल्द निकाली जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
