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हिमाचल के मुस्लिम समुदाय ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई, सरकार को भेजा ज्ञापन

अंजुमन इस्लामिया नाहन के अध्यक्ष बॉबी अहमद ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाते हुए इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने की वकालत की है।

नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में गाय की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। अंजुमन इस्लामिया नाहन के अध्यक्ष बॉबी अहमद ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाते हुए इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि देश में गाय के नाम पर राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप काफी होते हैं, लेकिन अब इस विषय पर गंभीर और स्पष्ट नीति बनाए जाने की आवश्यकता है।

संस्था की ओर से इस संबंध में सोमवार को उपमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) नाहन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। गुलमन्नवर अहमद ऊर्फ बॉबी अहमद की ओर से ज्ञापन में कहा गया है कि मुस्लिम समुदाय गाय को राष्ट्रीय गौरव के रूप में देखता है और उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि देशभर में संचालित बूचड़खानों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए।

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उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से सवाल करते हुए कहा कि सरकार को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनसे गायों की सुरक्षा प्रभावित होती है। यदि देश में गाय को लेकर इतनी संवेदनशीलता है तो उसके संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम भी उठाए जाने चाहिए।

बॉबी अहमद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, विशेषकर जिला सिरमौर और नाहन क्षेत्र का मुस्लिम समुदाय गाय का सम्मान करता है और उसे माता के समान दर्जा देता है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी भाईचारे और सम्मान की परंपरा को मजबूत करने की जरूरत है, न कि किसी समुदाय को संदेह के दायरे में खड़ा करने की।

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उन्होंने सरकार से मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और गाय का वध करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। उन्होंने ये भी कहा कि इससे न केवल पशु क्रूरता पर रोक लगेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा। संस्था ने आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या और सड़कों पर उनके साथ हो रहे हादसों पर भी चिंता जताई।

अंजुमन इस्लामिया ने कहा कि जो लोग अपने पशुओं को बेसहारा छोड़ देते हैं, वे उनके साथ होने वाली दुर्घटनाओं के जिम्मेदार हैं। संस्था ने ऐसे पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सड़कों पर हादसों में घायल हो रहे लोगों और मर रहे पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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Aapki Baat News Desk
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