नाहन : सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में करीब पांच दिन पहले बुजुर्ग महिला से मारपीट के मामले में बहू और पोतों पर लगे आरोपों ने वीरवार को नया मोड़ सामने आया। बहू रीमा अग्रवाल ने अपने दोनों बेटों केशव और रुद्रांश के साथ नाहन में पत्रकार वार्ता कर सास से मारपीट के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपनी दादी पर हाथ नहीं उठाया और न ही उन्होंने अपनी सास के साथ मारपीट की।
रीमा अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उसके अधिवक्ता पति ने गत शनिवार को उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद उन पर ही उल्टा आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 20 वर्षों से वह अपने पति और सास की प्रताड़ना झेल रही हैं। रीमा के अनुसार, उनके पिता अंबाला से हर महीने उनके पति को 20 हजार रुपये भेजते थे। उन्होंने अपने पिता के बैंक खाते की कॉपी और लेनदेन से संबंधित दस्तावेज भी मीडिया के सामने रखे।
रीमा अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पति और सास की मांग बढ़ने पर उनके पिता की ओर से कई बार 40 हजार, 50 हजार और 80 हजार रुपये के अलावा सोना-चांदी भी दिया गया। उन्होंने बताया कि अंबाला में उनके पति के लिए एक दुकान भी खरीदी गई थी, जबकि पति के पास मौजूद गाड़ी की पेमेंट भी उनके पिता ने की थी।
रीमा ने कहा कि उन्होंने इतने वर्षों तक परिवार टूटने के डर से कथित उत्पीड़न सहन किया, लेकिन अब स्थिति उनके लिए असहनीय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वह तीन बहनें हैं और उनकी मां का निधन हो चुका है, जबकि पिता अब बीमार रहते हैं। रीमा का दावा है कि उनके पिता अब तक उनके पति और सास को करोड़ों रुपये दे चुके हैं, इसके बावजूद कथित उत्पीड़न कम नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति अधिवक्ता होने के कारण शहर में कोई भी वकील उनका मामला लड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसके चलते उन्होंने अपने मायके अंबाला जाकर पति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। रीमा ने कहा कि वह इस मामले को राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष भी उठाएंगी।
गौरतलब है कि पांच दिन पहले बुजुर्ग महिला की ओर से बहू और पोते पर मारपीट के आरोप लगाए गए थे। इसको लेकर अधिवक्ता की ओर से अपनी पत्नी और बेटों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। अब पत्नी और दोनों बेटों ने मीडिया के सामने आकर इन आरोपों को गलत बताते हुए अपने पक्ष की बात रखी है।