नाहन : सिरमौर भाजपा के जिला प्रवक्ता प्रताप सिंह रावत ने गिरिपार क्षेत्र के युवाओं को अनुसूचित जनजाति (ST) का लाभ न मिलने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि आखिर गिरिपार के हजारों बेरोजगार युवाओं को कब एसटी का अधिकार मिलेगा।
मीडिया को जारी बयान में रावत ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 4 अगस्त 2023 को गिरिपार क्षेत्र की जनता को एसटी का संवैधानिक दर्जा देने के बाद यह मामला 1 जनवरी 2024 को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा था, ताकि क्षेत्र के युवाओं को उनका अधिकार मिल सके।
रावत ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्री जगत सिंह नेगी और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान नहीं चाहते कि गिरिपार क्षेत्र के युवाओं को एसटी का लाभ मिले। उन्होंने दावा किया कि 4 जनवरी 2024 को इस मामले में उच्च न्यायालय से स्टे लगने के कारण यह मामला लंबे समय से लंबित है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एसटी प्रमाण पत्र नहीं मिलने से गिरिपार क्षेत्र के हजारों युवा सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा पार कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
रावत ने यह भी दावा किया कि एसटी प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण क्षेत्र के अनेक युवा यूपीएससी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में आरक्षण का लाभ नहीं ले सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते एसटी प्रमाण पत्र मिल जाते तो गिरिपार के कई युवा यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते थे।
कहा कि उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि न्यायालय गिरिपार क्षेत्र के हजारों युवाओं की समस्या को ध्यान में रखते हुए निर्णय देगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का सभी सम्मान करेंगे।
