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खरपतवार पर स्प्रे करते वक्त बिगड़ी थी तबियत, 20 दिन बाद जिंदगी से जंग हार गया किसान

शव का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने विसरा को रासायनिक परीक्षण के लिए राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

सोलन : हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के कंडाघाट क्षेत्र का एक किसान 20 दिन बाद जिंदगी से जंग से हार गया। पुलिस के अनुसार 50 वर्षीय किसान रविंद्र कुमार पुत्र नेक राम को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला में भर्ती करवाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई।

अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना कंडाघाट पुलिस थाना को दी, जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल शिमला पहुंची। पुलिस ने पाया कि शडोग गांव के निवासी रविंद्र कुमार मृत अवस्था में हैं।

सरसरी जांच और मृतक के परिजनों के बयान के अनुसार रविंद्र कुमार 30 सितंबर को अपने खेत में खरपतवार नाशक का छिड़काव कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल सोलन ले गए, जहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए आई.जी.एम.सी. शिमला रेफर कर दिया गया था।

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यहां 20 दिन तक उनका उपचार चला, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस के अनुसार अभी तक की जांच में मृतक के परिजनों ने उनकी मृत्यु पर किसी तरह का शक जाहिर नहीं किया है।

प्रथम दृष्टया यह पाया जा रहा है कि उनकी मृत्यु किसी जहरीले पदार्थ संभवतः कीटनाशक/खरपतवार नाशक के शरीर में जाने से हुई है।

शव का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने विसरा (आंतरिक अंग के नमूने) को रासायनिक परीक्षण के लिए राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव उनके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 194 बी.एन.एस.एस. 2023 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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