सोलन : देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार लग रहे ‘पेपर लीक’ के दाग और युवाओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के विरोध में आज हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में जन-आक्रोश फूट पड़ा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सोलन के चिल्ड्रन पार्क में सैकड़ों युवाओं, महिलाओं, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल और सांकेतिक धरना दिया।
यह आयोजन ‘जागरूक युवा संगठन’ और ‘जागरूक नागरिक मंच’ सहित क्षेत्र के कई सामाजिक व जन संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। भूख हड़ताल पर पूर्व आईएएस शरभ नेगी, अधिवक्ता मनोज वर्मा, विकास ठाकुर, नीतीश ठाकुर, अनिल ठाकुर, किरण किशोर, विजय भट्टी और धर्मपाल ठाकुर सहित कई लोग बैठे।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व आईएएस शरभ नेगी और गुजरात विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर सी.पी. भसीन ने कहा कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने से देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
धरने के दौरान सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन की मांगों पर विचार करने, पेपर लीक मामलों में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने, दोषियों को कड़ी सजा देने तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बैठक में 20 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे सोलन में विभिन्न संगठनों की ओर से एक बड़े प्रदर्शन का भी ऐलान किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर उनका लोकतांत्रिक आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
धरने में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत ठाकुर, नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, समाजसेवी संजय शर्मा ‘हिंदवान’, जिला बार एसोसिएशन के महासचिव नितिन ठाकुर, सीटू जिला अध्यक्ष राकेश कुमार, ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष धर्मपाल ठाकुर, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष दलीप, बीडीसी उपाध्यक्ष गोपाल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।