बद्दी : आईईसी यूनिवर्सिटी, बद्दी में विद्यार्थियों की सेहत को तवज्जो देते हुए एक बेहद खास और ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय सभागार में हुए इस ‘दंत स्वास्थ्य एवं जागरूकता’ विशेष व्याख्यान का मकसद युवाओं को ओरल हाइजीन यानी मौखिक स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।
यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अशोक पुरी और रजिस्ट्रार डॉ. प्रह्लाद गुप्ता के मार्गदर्शन में मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज पटियाला की जानी-मानी डेंटल सर्जन डॉ. मीनू अग्रवाल ने शिरकत की। उन्होंने अपने अनोखे अंदाज में स्टूडेंट्स और टीचर्स को दांतों की सही देखभाल और हेल्दी लाइफस्टाइल के कई बेहतरीन नुस्खे बताए।
खराब खानपान और लापरवाही से बढ़ सकती हैं दिक्कतें
सत्र के दौरान डॉ. मीनू अग्रवाल ने खुलकर बात रखी कि कैसे हमारे दांत और मसूड़े हमारी पूरी सेहत का आईना होते हैं। उन्होंने चेताया कि अगर वक्त पर दांतों की देखभाल में कोताही बरती जाए, तो कैविटी (सड़न), मसूड़ों की बीमारियां और दूसरी ओरल प्रॉब्लम्स घेर सकती हैं।
स्टूडेंट्स को सही तरीके से ब्रश करने, फ्लॉसिंग को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाने और रेगुलर डेंटल चेकअप करवाने की सलाह दी गई। इसके साथ ही ज्यादा मीठी चीजों और शुगरी फूड्स से दांतों पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने समझाया कि अगर कोई भी छोटी-मोटी परेशानी महसूस हो तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें, क्योंकि शुरुआती स्टेज पर ही बीमारी पकड़ में आ जाए तो बड़े खर्च और दर्द से बचा जा सकता है।
जागरुकता शिविर में हुए सवाल-जवाब
यह सिर्फ एकतरफा लेक्चर नहीं था, बल्कि एक शानदार इंटरेक्टिव सेशन साबित हुआ, जहां विद्यार्थियों ने खुलकर अपने मन की शंकाएं रखीं। दांतों की सफाई और मसूड़ों की देखभाल से जुड़े तमाम सवालों के डॉ. मीनू अग्रवाल ने बेहद सरल तरीके से जवाब दिए।
कार्यक्रम से हर विद्यार्थियों को यही संदेश मिला कि संतुलित खानपान, सही ओरल हाइजीन और समय पर जांच ही एक लंबी, खूबसूरत और कॉन्फिडेंट मुस्कान का असली राज है।
इस संवादात्मक सत्र ने युवाओं को अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। अंत में डॉ. अग्रवाल का आभार जताया गया।
