Home Himachal हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने...

हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

एमओयू के तहत आयुष विभाग किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कंपनी किसानों से तय कीमत पर फसल खरीदेगी और गुणवत्तायुक्त बीज या पौधे भी उपलब्ध करवाएगी। वहीं भारतीय सेना किसानों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।

0

शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में सोमवार को भारतीय सेना, हिमाचल प्रदेश सरकार और श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद झांसी के मध्य त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया। इसका उद्देश्य राज्य के सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना है। इस समझौते पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल टी.एस.के. सिंह, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आयुष विभाग के निदेशक रोहित जमवाल और श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद झांसी की ओर से शैलेश शर्मा ने हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों को स्थायी रोजगार देने के साथ-साथ पारंपरिक आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा। एमओयू के तहत आयुष विभाग किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कंपनी किसानों से तय कीमत पर फसल खरीदेगी और गुणवत्तायुक्त बीज या पौधे भी उपलब्ध करवाएगी। वहीं भारतीय सेना किसानों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।

ये भी पढ़ें:  DC ऑफिस मंडी को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप, भवन करवाया खाली, भारी सुरक्षा बल तैनात

इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, सचिव आयुष प्रियंका बासु इंगटी, लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, ब्रिगेडियर अनुराग पांडे और राज्य सरकार व भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।