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प्रदेश को मिला पहला ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क, उपमुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश को पूर्णतः तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष ड्राइविंग टेस्ट प्रणाली मिल गई है।

ऊना : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को हरोली के रोड़ा में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का विधिवत उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश को पूर्णतः तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष ड्राइविंग टेस्ट प्रणाली मिल गई है।

उन्होंने कहा कि यह ऑटोमेटिड ट्रैक ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाएगा तथा मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का सटीक मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। सेंसर आधारित पूरे ट्रैक में अत्याधुनिक कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से हर गतिविधि की निगरानी रहेगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिसर उत्तर भारत का अपनी तरह का इकलौता ऑटोमेटिड टेस्टिंग ट्रैक और ट्रैफिक पार्क है। यहां भविष्य में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। लोगों की सुविधा के लिए यहां वेटिंग एरिया और भवन का निर्माण किया जाएगा, ताकि खराब मौसम में भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। अगले चरण में यहां बसों और ट्रकों के लिए भी टेस्टिंग सुविधा विकसित की जाएगी।

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उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली के तहत अभ्यर्थी स्वयं अपनी सुविधा अनुसार टेस्ट की तिथि और समय निर्धारित कर सकेंगे। हालांकि, वर्तमान में पुरानी व्यवस्था भी समानांतर रूप से जारी रहेगी। लेकिन हमारा प्रयास है कि लोग नई प्रणाली को प्राथमिकता दें।

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस आधुनिक ट्रैक में छोटे वाहनों के लिए ‘एस’, ‘8’ और ‘एच’ ट्रैक, पैरेलल पार्किंग, जंक्शन ड्राइविंग तथा ढलान पर वाहन संचालन जैसे विभिन्न परीक्षण शामिल किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह परिसर डिजिटाइज्ड तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करने की व्यवस्था के अलावा स्कूली बच्चों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। यहां उन्हें ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक जानकारी भी मिलेगी।

हरोली मैदान, रोड़ा के विकास को 10 करोड़
उपमुख्यमंत्री ने रोड़ा स्थित हरोली मैदान को स्थायी मेला स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित राज्यस्तरीय हरोली उत्सव को लोगों का व्यापक समर्थन मिला है और इसे भविष्य में और भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में मेले की अवधि भी बढ़ाई जाएगी।

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‘विकास पथ’ के रूप में विकसित होगा हरोली-रामपुर मार्ग
उपमुख्यमंत्री ने हरोली-रामपुर पुल से लेकर इस मार्ग के अंतिम छोर तक पूरे रास्ते को ‘विकास पथ’ नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पूरे मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। यहां बेहतर लाइटिंग व्यवस्था की जाएगी और सड़क किनारे आकर्षक लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे रात के समय पूरा क्षेत्र जगमगाता नजर आएगा।

जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं को गति
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य विस्तार पर करीब सवा 200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसमें गर्भगृह को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर विकसित किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन को पहले चरण का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र में गोविंद सागर झील से जुड़े पर्यटन और जल परिवहन को विकसित किया जाएगा, जबकि हरोली में निर्माणाधीन लगभग 2500 करोड़ रुपये की बल्क ड्रग पार्क परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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कार्यक्रम के दौरान उन्होंने परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया और आरटीओ के इलेक्ट्रिक वाहन में बैठकर ट्रैक का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया।

कार्यक्रम में उपायुक्त जतिन लाल ने विकास कार्यों को गति देने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई। राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव नरेश ठाकुर ने कहा कि विभाग उपमुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ऑटोमेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भविष्य में अन्य जिलों में भी इस तरह की परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।

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