
ऊना : जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीर निगाह के समीप मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ट्रक में सवार 40 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में करीब 50 श्रद्धालु सवार थे। हादसे में घायल हुए एक बच्चे समेत तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
सभी श्रद्धालु हरियाणा के करनाल जिले के इंद्री क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार श्रद्धालु दो दिन पहले पीर निगाह मंदिर में माथा टेकने और भंडारे का आयोजन करने के लिए पहुंचे थे। मंगलवार सुबह श्रद्धालु ट्रक में सवार होकर पीर निगाह से माता नैना देवी मंदिर के लिए रवाना हुए थे। मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर पहुंचते ही ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा।
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और खाई में गिरे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का काम शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य के बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उनका उपचार शुरू किया।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया ने बताया कि पीर निगाह हादसे में 40 से अधिक घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल लाया गया था। सभी को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। इनमें से एक बच्चे की हालत नाजुक थी। प्राथमिक उपचार के बाद तीन गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार क्षेत्रीय अस्पताल में जारी है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रक किन परिस्थितियों में अनियंत्रित हुआ और हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा। वाहन की तकनीकी स्थिति समेत हादसे के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
बीजेपी नेताओं ने जताया दुख
हादसे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दुख जताया है। उन्होंने हादसे में घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भाजपा नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पीर निगाह मार्ग पर पहले भी मालवाहक वाहनों से जुड़े हादसे सामने आने की बात कही गई है। ऐसे में प्रशासन से मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग उठी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
