राष्ट्रीय स्तर की वीरगाथा स्पर्धा में जुन्गा के शौर्य ने पाया टॉप 100 में स्थान, दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर मिलेगा ईनाम

शौर्य ठाकुर मूलतः जुुन्गा के समीप भड़ेच के निवासी हैं। इनके पिता अशोक ठाकुर और माता सुजाता ठाकुर यूएई मेें रहते हैं। 8 वर्षीय शौर्य ठाकुर ब्राइट राइडर्स स्कूल अबू धाबी यूएई में तीसरी कक्षा में अध्ययनरत है।

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शिमला : गणतंत्र दिवस समारोह- 2026 के कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की वीरगाथा प्रतियोगिता 5.0 में जुन्गा के शौर्य ठाकुर ने टॉप-100 में स्थान प्राप्त करके प्रदेश समेत जुन्गा क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता का आयोजन भारत सरकार के रक्षा और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में किया गया था, जिसमें पूरे देश के 1.92 करोड़ बच्चों ने भाग लिया।

शौर्य ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बतरा के बलिदान व पराक्रम पर आधारित बहुत ही खूबसूरत हृदयस्पर्शी कविता लिखी, जिसके मूल्यांकन पर उसे राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-100 में स्थान प्राप्त हुआ। अब शौर्य को दिल्ली में आगामी गणतंत्र दिवस पर रक्षा व शिक्षा मंत्रालय द्वारा 10 हजार के नकद ईनाम व प्रशस्ति पत्र से नवाजा जाएगा। इसके अतिरिक्त गणतंत्र दिवस परेड 2026 के कर्तव्य पथ पर उसे विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

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गौर रहे कि शौर्य ठाकुर मूलतः जुुन्गा के समीप भड़ेच के निवासी हैं। इनके पिता अशोक ठाकुर और माता सुजाता ठाकुर यूएई मेें रहते हैं। 8 वर्षीय शौर्य ठाकुर ब्राइट राइडर्स स्कूल अबू धाबी यूएई में तीसरी कक्षा में अध्ययनरत है। तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा, पंचायत प्रधान जुन्गा बंसीलाल कश्यप और प्रधान भड़ेच पंचायत मदनमोहन ठाकुर सहित अनेक लोगों ने शौर्य ठाकुर की इस अनूठी उपलब्धि पर इनके अभिभावकों को बधाई दी। तहसीलदार ने कहा कि शौर्य ने राष्ट्रीय स्तर पर जुन्गा व हिमाचल का गौरव बढ़ाया है।

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