शिमला : हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के लगातार घाटे में चल रहे 390 रूटों पर निजी बसों का संचालन किया जाएगा। इन पर 18, 32 और 42 सीटर बसें चलेंगी। निजी ऑपरेटरों को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करने के लिए सरकार बस खरीद पर 30 प्रतिशत तक अनुदान देगी। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है और इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इच्छुक आवेदक आठ फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।

यह योजना राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत लागू की गई है। परिवहन विभाग ने अनुदान और आवेदन प्रक्रिया को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी कर दी है। योजना के तहत केवल वही रूट शामिल किए जाएंगे, जिन्हें सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। रूटों का आवंटन संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों के माध्यम से एसओपी के अनुसार किया जाएगा।
परिवहन निगम ने अब तक लगभग 620 घाटे वाले रूट सरेंडर करने का निर्णय लिया है। बीते ढाई वर्षों में ये रूट सरेंडर किए गए हैं, लेकिन इनमें से अभी तक केवल 27 रूट पर ही बसों का संचालन शुरू हो पाया है। सरकार का उद्देश्य इन खाली पड़े रूटों पर परिवहन सुविधा बहाल करना और साथ ही स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी एसओपी के अनुसार आवेदक का स्थायी रूप से हिमाचल का निवासी होना अनिवार्य है और उसका बेरोजगार होना जरूरी है। आवेदक पर परिवहन विभाग का कोई बकाया नहीं होना चाहिए। योजना का लाभ एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही दिया जाएगा।
आवेदनों की जांच संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा की जाएगी। आवेदनों की संख्या मार्गों से अधिक होने पर चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश में उक्त योजना के तहत कांगड़ा में 101, बद्दी-नालागढ़ में 9, कुल्लू में 20, सोलन में 7, शिमला में 68, रामपुर में 14, नाहन में 15, चंबा में 11, बिलासपुर में 19, हमीरपुर 18, मंडी में 95 और ऊना में 13 रूटों का आवंटन किया जाएगा।


