शिमला : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे एसएमसी (SMC) शिक्षकों को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। सरकार ने ऐसे 1133 शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करते हुए जॉब ट्रेनी आधार पर नियुक्ति दे दी है। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
फिलहाल विभाग में मर्ज हुए इन शिक्षकों के स्टेशन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन छात्र संख्या के आधार पर जल्द ही इन्हें अन्य स्कूलों में भी नियुक्ति दी जा सकती है। इसके साथ ही अब ये एसएमसी शिक्षक ट्रांसफर के दायरे में भी शामिल हो जाएंगे। इस प्रक्रिया के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने जिलों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी है जहां शिक्षक नहीं हैं।
सरकार ने पंचायत चुनाव के एलान से पहले यह फैसला लेते हुए 1133 शिक्षकों को नियुक्ति दी है, जिनमें 671 सीएंडवी, 52 जेबीटी और 410 टीजीटी शिक्षक शामिल हैं। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
इन शिक्षकों की नियुक्ति 5 प्रतिशत एलडीआर कोटे के तहत जॉब ट्रेनी आधार पर की गई है। हाल ही में स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा एलडीआर परीक्षा आयोजित की गई थी और 27 मार्च को चयनित शिक्षकों की काउंसलिंग भी करवाई गई थी।
नए प्रावधान के तहत ये शिक्षक पहले दो साल तक जॉब ट्रेनी के रूप में कार्य करेंगे और इसके बाद इन्हें नियमित किया जाएगा। सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए 5 प्रतिशत एलडीआर कोटा निर्धारित किया है।
गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 2400 एसएमसी शिक्षक कार्यरत हैं, जो पिछले 15 से 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी और पीईटी पदों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बदलाव करते हुए यह व्यवस्था लागू की है।
