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बिलासपुर वन मंडल में 45 फायर वॉचर्स की तैनाती, वन संपदा को आग से बचाने को बनाई ये पूरी रणनीति

जिन क्षेत्रों में आग लगने की आशंका अधिक रहती है, वहां आवश्यकता अनुसार फायर लाइनें तैयार की गई हैं। इसके अतिरिक्त सड़कों के किनारे सूखी पत्तियों, घास एवं चिल्लर को हटाने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है

बिलासपुर : गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही वनों में आग की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए बिलासपुर वन मंडल द्वारा जिला भर में व्यापक स्तर पर सतर्कता, जागरूकता एवं रोकथाम अभियान तेज कर दिया गया है ताकि वन संपदा, वन्य प्राणियों एवं पर्यावरण को आग से होने वाली क्षति से सुरक्षित रखा जा सके।

वन मंडलाधिकारी बिलासपुर राजीव कुमार ने बताया कि जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जिला की समस्त जनता, युवा मंडल, महिला मंडलों, सांझा वन प्रबंधन समितियों, वन विकास समितियों तथा गैर सरकारी संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वन हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।

उन्होंने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से न केवल बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि असंख्य वन्य जीव-जंतु, छोटे-बड़े पेड़-पौधे, घास एवं झाड़ियों भी नष्ट हो जाती हैं तथा स्थानीय लोगों को पशुओं के लिए चारे और ईंधन की कमी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

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राजीव कुमार ने बताया कि वन अग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा प्रत्येक बीट स्तर पर सामुदायिक कार्यशालाएं, जन जागरूकता कार्यक्रम तथा अन्य गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। जिला में 45 फायर वॉचर्स लगातार संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आग की घटना की सूचना तुरंत प्राप्त हो सके और समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

जिन क्षेत्रों में आग लगने की आशंका अधिक रहती है, वहां आवश्यकता अनुसार फायर लाइनें तैयार की गई हैं। इसके अतिरिक्त सड़कों के किनारे सूखी पत्तियों, घास एवं चिल्लर को हटाने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है, ताकि आग तेजी से न फैल सके। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों एवं फील्ड स्टाफ को भी लगातार प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

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वन मंडलाधिकारी ने लोगों से आग्रह किया कि कोई भी व्यक्ति जान बूझकर जंगलों में आग न लगाए। यदि किसी कारणवश आग लग जाती है तो स्थानीय लोग तुरंत एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास करें तथा इसकी सूचना शीघ्र वन विभाग को दें। यदि कोई असामाजिक तत्व जानबूझकर जंगल में आग लगाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करवाने के लिए लोग आगे आएं और अपना सामाजिक एवं संवैधानिक दायित्व निभाएं।

इस बारे विभागीय टोल फ्री नम्बर 1800-180-1916 पर सूचना दी जा सकती है। जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति की सूचना देने वाले नागरिक को बिलासपुर वन मंडल की ओर से पुरस्कृत भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकारी जंगल की सीमा से 100 मीटर के भीतर यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि अथवा घासनी में कटे हुए अवशेष आदि जलाना चाहता है तो इसकी पूर्व सूचना वन विभाग को देना अनिवार्य है।

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राजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति को छह माह तक की सजा हो सकती है। वहीं सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के अंतर्गत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कम से कम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान है।

उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से अपील की कि वह जंगलों को आग से बचाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि वन संपदा, वन्य प्राणियों एवं जनजीवन को आग से होने वाली अपूर्णीय क्षति से सुरक्षित रखा जा सके।

Aapki Baat News Desk
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