शिमला : राज्य सरकार ने सेवा अवधि के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अध्ययन अवकाश पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का निर्णय लिया है। पहले अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को अवकाश पर जाने से पूर्व प्राप्त वेतन का केवल 40 प्रतिशत और महंगाई भत्ते के साथ आवास भत्ता दिया जा रहा था।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में संवेदनशील और कर्मचारी-अनुकूल दृष्टिकोण अपनाते हुए ‘सीसीएस (अवकाश) नियम, 1972’ के नियम 56 में संशोधन किया है, जिसके अंतर्गत अध्ययन अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों को उच्च शिक्षा की अवधि के दौरान 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा।
यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को पूरा करता है। जिन कर्मचारियों ने पहले पुराने प्रावधानों के तहत अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी संशोधित नियमों के अनुसार वेतन की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा और उन्नत व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने से न केवल कर्मचारियों का व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि उनकी कार्यकुशलता और प्रभावशीलता भी बढ़ती है, जिससे आम जनता को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सरकारी कर्मचारी को इस घोषणा के साथ एक शपथ-पत्र देना होगा कि अध्ययन अवधि के दौरान वह किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या अंशकालिक रोजगार से कोई पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर रहे हैं।
राज्य सरकार इससे पहले भी प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में उच्च एवं विशेषज्ञता पाठ्यक्रम करने वाले एलोपैथीक चिकित्सकों के लिए अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन बहाल कर चुकी है। इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है और राज्य के लोगों को लाभ पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के तुरंत बाद 1.36 लाख एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन की यह सुविधा कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और उन्नत कौशल अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे अंततः जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।
