चंबा : राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने रविवार को चंबा के ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर चंबा जिला के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मिंजर मेले को हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया।
ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मिंजर जैसे उत्सव सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए समाज से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जन-जागरण के माध्यम से ही युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सकता है और नशामुक्त हिमाचल का निर्माण संभव है। इस दिशा में जिला पुलिस के प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की।
राज्यपाल ने चंबा की विश्वप्रसिद्ध पारंपरिक कलाओं एवं शिल्पों चंबा रूमाल, चंबा चप्पल और चंबा थाल का उल्लेख करते हुए स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों की प्रशंसा की।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने चौगान में कारगिल शहीद आशीष थापा, खेमराज और ओम प्रकाश को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उपस्थित लोगों को राष्ट्र की रक्षा और शहीदों के आदर्शों के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया।
राज्यपाल ने मिंजर ध्वजारोहण कर मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। समारोह में अजीत भट्ट एंड पार्टी ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति दी, जो पिछले 32 वर्षों से इस सांस्कृतिक परंपरा का संरक्षण कर रही है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैयर, विधायक डी.एस. ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष ललित ठाकुर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं एचआरटीसी निदेशक मंडल के सदस्य सुरजीत भरमौरी, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी, जिला परिषद के उपाध्यक्ष लियाकत अली, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव यशवंत खन्ना, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
