नाहन : नगर परिषद नाहन के नवनिर्वाचित भाजपा समर्थित पार्षदों ने नगर परिषद गठन में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस सरकार, सत्तारूढ़ नेताओं और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को भाजपा समर्थित पार्षद जिलाधीश कार्यालय पहुंचे और जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि नाहन की जनता द्वारा दिए गए स्पष्ट जनादेश की अनदेखी की जा रही है।
वार्ड नंबर 4 से पार्षद पूजा तोमर ने कहा कि 17 मई को हुए नगर निकाय चुनाव में नाहन की जनता ने कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ मतदान करते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के 13 वार्डों में से 7 वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद गठन और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है।
भाजपा समर्थित पार्षदों ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के करीब एक माह बाद भी सत्ता पक्ष के नेता निर्वाचित पार्षदों को प्रभावित करने और राजनीतिक समीकरण बदलने के प्रयासों में जुटे हैं। उनका कहना है कि जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक दबाव के माध्यम से नगर परिषद की सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञापन में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि अधिकारी निष्पक्षता से कार्य करने के बजाय सरकार के राजनीतिक हितों को साधने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद गठन में देरी के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और स्थानीय लोगों को आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मामलों में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
भाजपा पार्षदों ने विधायक के मताधिकार को लेकर भी आपत्ति जताई और इसे जनभावनाओं के विपरीत बताया। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेता सत्ता के प्रभाव का उपयोग कर नाहन नगर परिषद पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद पूजा तोमर, सीमा अत्री, संजय चौहान, कौशल्या देवी, संध्या अग्रवाल, संजना कौर सहित अन्य भाजपा समर्थित पार्षद मौजूद रहे। पार्षद संजय चौहान ने कहा कि नाहन नगर परिषद में जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाजपा समर्थित पार्षद अंतिम समय तक संघर्ष करते रहेंगे।
