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धौलाकुआं अनाज मंडी को बंद करने का कांग्रेस सरकार का फैसला किसान एवं जनविरोधी: डॉ. राजीव बिंदल

डा. राजीव बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उनके प्रयासों के बाद नाहन विधानसभा क्षेत्र और पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए, किसानों की सुविधा के लिए धौलाकुआं में अनाज मंडी शुरू हुई थी।

धौलाकुआं : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सिरमौर जिला के धौलाकुआं में भाजपा सरकार में खोली गई अनाज मंडी को बंद करने के कगार पर खड़ा करने के प्रदेश कांग्रेस सरकार के फैसले को किसान और जनविरोधी बताया है। डॉ. बिंदल ने कहा कि एक के बाद एक जनहितैषी सरकारी संस्थानों पर तालाबंदी की जा रही है।

बिंदल ने कहा कि लंबे प्रयासों के बाद धौलाकुआं में अनाज मंडी खड़ी की गई थी। भारतीय जनता पार्टी और उनके प्रयासों के बाद नाहन विधानसभा क्षेत्र और पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए, किसानों की सुविधा के लिए धौलाकुआं में अनाज मंडी शुरू हुई थी।

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किसानों को 24 से 48 घंटे के अंदर मिल जाता था भुगतान
उन्होंने कहा कि अनेक वर्षों तक हमारे किसान अपना धान और गेहूं इस अनाज मंडी में बेचते रहे। वे किसान, जो लगातार हरियाणा की मंडियों में अपना अनाज बेचने को मजबूर थे, लंबे समय तक उनका पैसा वापस नहीं आता था। 24 और 48 घंटे के अंदर किसान को धौलाकुआं में अपना अनाज बेचने के बाद पैसा मिल जाता था, लेकिन बड़े दुर्भाग्य का विषय है कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार और हमारे कांग्रेस के माननीय विधायक ने धौलाकुआं की मंडी को बंद होने के कगार पर ला खड़ा कर दिया।

कृषि विभाग ने अधिसूचना जारी की, मंडी स्थल पर कर दी गई फसल की बिजाई
कृषि विभाग ने अधिसूचना कर दी है कि यहां पर मंडी नहीं बनने देंगे। उन्होंने उस स्थान पर, जहां पर अनाज की खरीद-फरोख्त होती थी, ट्रैक्टर चलाकर उसमें फसल की बिजाई कर दी। यह कैसी सरकार है, जो लगातार तालाबंदी का काम कर रही है?

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चार साल में मंडी का विस्तार और आवश्यक सुविधाओं का निर्माण नहीं हुआ
अभी पिछले चार साल में, जहां मंडी शुरू की गई थी, वहां पर पक्का फड़ बन जाना चाहिए था, शेड बन जाने चाहिए थे, ताकि बरसात और खराब मौसम में अनाज की खराबी न हो। मंडी का विस्तार होना चाहिए था, परंतु ऐसा नहीं हुआ और इलाके के किसान आज इस चिंता में हैं कि अगले महीने जो उनकी फसल निकलेगी, उसकी खरीद कहां होगी। यह गंभीर विषय है।

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि “हम, प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि किसानों के हित में इस विषय को गंभीरता से लें, नहीं तो किसानों को भारी नुकसान होगा।”

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Aapki Baat News Desk
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