ऊना : आमजन को विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान का प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान का शुभारंभ 1 अक्तूबर, 2026 से किया जा रहा है।
यह राष्ट्रव्यापी विशेष मध्यस्थता अभियान लंबित उपयुक्त मामलों के मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण निपटारे को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने दी। उन्होंने बताया कि इसके तहत वैवाहिक मामले, जिनमें घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामले और आईपीसी की धारा 498ए/बीएनएस की धारा 85 के तहत मामले शामिल हैं। साथ ही, दुर्घटना दावा मामला, चेक बाउंस के मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद मामले, ऋण वसूली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, श्रम अधिनियम मामले सहित जैसी मामले शामिल रहेंगे।
सचिव ने बताया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की आर्बिट्रेशन, मेडिएशन एंड कॉन्सिलिएशन कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य आमजन में मध्यस्थता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उपयुक्त विवादों के समाधान के लिए आपसी सहमति और संवाद को प्रोत्साहित करना है।
शिखा लखनपाल ने बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान की ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित पक्षकारों के बीच संवाद एवं सहमति के माध्यम से समाधान की संभावनाओं को तलाशा जाता है। ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान के माध्यम से इसी भावना को मजबूत करते हुए उपयुक्त लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित किया जाएगा।