नाहन : करवा चौथ के उल्लास के बीच नाहन में महिलाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने की अनूठी पहल देखने को मिली। ट्रैवल कंसीयर्ज इंडिया (TCI) की ओर से बुधवार को शाही महल के बाहर में निशुल्क मेहंदी-श्रृंगार कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस आयोजन में जहां महिलाओं ने पर्व के अवसर पर मेहंदी लगवाने का आनंद लिया, वहीं यूको आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों को अपने हुनर का प्रदर्शन करने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर भी मिला। इस दौरान सुबह से शाम तक मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ी।
नगर परिषद नाहन की अध्यक्ष उपमा धीमान ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सुबह नौ बजे शुरू हुआ यह आयोजन देर शाम तक चला। इस दौरान विभिन्न वर्गों की महिलाएं मेहंदी लगवाने पहुंचीं। आयोजकों की ओर से सभी महिलाओं के लिए निशुल्क मेहंदी लगाने के साथ जलपान की व्यवस्था भी की गई, ताकि हर वर्ग की महिलाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के कार्यक्रम में शामिल हो सकें।
हुनर को पहचान मिले तो स्वरोजगार की राह होती है आसान : उपमा धीमान
नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच और अवसर उपलब्ध करवाना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं यूको आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं और इस अनुभव के आधार पर समझती हैं कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर महिलाएं अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बना सकती हैं।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में यूको आरसेटी से प्रशिक्षित युवतियों को विशेष रूप से आमंत्रित करने का उद्देश्य उन्हें अपनी मेहंदी कला दिखाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और कार्यकुशलता को निखारने का अवसर देना था।
मेहंदी लगाने जैसी कला भी स्वरोजगार का अच्छा माध्यम बन सकती है। जरूरत इस बात की है कि महिलाओं के हुनर को पहचान मिले और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उपमा धीमान ने इस पहल के लिए यूको आरसेटी के निदेशक का भी आभार जताया।
पर्व की खुशियों के साथ सामाजिक सरोकारों का संदेश
टीसीआई की इस पहल ने करवा चौथ के पारंपरिक उत्सव को महिला सशक्तीकरण और स्वावलंबन से जोड़ने का प्रयास किया। टीसीआई का डायरेक्टर विकास रतन ने बताया कि समय-समय पर कंपनी की ओर से सामाजिक सरोकार जैसे कार्य किए जाते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि टीसीआई कंपनी विदेश घूमने के शौकिनों सहित शिक्षा, बिजनेस और अन्य कार्यों को लेकर वीजा उपलब्ध करवाती है। कबूतरबाज या इमिग्रेशन की चाह रखने वालों अथवा किसी भी तरह के अनैतिक कार्य से कंपनी दूरी बनाए रखती है। कंपनी की ओर से किसी व्यक्ति को कोई प्रलोभन नहीं दिया जाता। 2011 में इस कंपनी की स्थापना की गई थी।
विकास रतन ने बताया कि इस निशुल्क आयोजन के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि आर्थिक स्थिति के कारण कोई भी महिला इस खुशी से वंचित न रहे। साथ ही प्रशिक्षित युवतियों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर देकर उनके कौशल को आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया।
कार्यक्रम में कंपनी डायरेक्टर भावना रतन, डॉ. सुरेश सबलोक, रोटरी नाहन सिरमौर हिल क्लब की अध्यक्ष प्रगति सबलोक, इनरव्हील क्लब से अलका महिंद्रा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

