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ऐतिहासिक रानीताल बाग में कुत्तों के झुंड ने बत्तख को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, सुरक्षा पर सवाल

नाहन : जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक रानीताल बाग में सोमवार सुबह कुत्तों के एक झुंड ने बाग में टहल रही एक बत्तख को बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार डाला.

ये घटना इतनी हृदय विचलित करने वाली थी कि कुत्ते इस बत्तख को तब तक बुरी तरह से नोचते रहे, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. तस्वीरों में देख सकते हैं कि किस तरह से रानीताल बाग में मौत के घाट उतारी गई बत्तख के पंख इत्यादि बिखरे पड़े हैं.

इस घटना के बाद रानीताल बाग में घूमने आने वाले लोगों में नगर परिषद के प्रति गहरा रोष है. साथ ही इस घटना के बाद जहां अन्य बत्तखों की सुरक्षा दांव पर है तो वहीं बत्तखों की देखभाल और इनकी निगरानी करने वाले स्टाफ पर भी सवाल उठने लाजमी हैं.

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स्थानीय निवासी संदीप, अमन, राजू, सीमा, वंदना आदि ने कहा कि अब भी बाग में 5 बड़ी बत्तखें और उनके 4 छोटे बच्चे मौजूद हैं. ऐसे में आवारा कुत्तों के बाग में टहलने से इन्हें भी खतरा बना हुआ है.

संदीप ने बताया कि वह काफी बार स्वयं भी मौखिक रूप से नगर परिषद से शिकायत कर चुके हैं. बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. बाग में 4 से 5 माली और चौकीदार हैं. बावजूद इसके बाग में कुत्ते घूमते रहते हैं. ऐसे में अन्य बत्तखों पर भी खतरा मंडरा रहा है.

उन्होंने नगर परिषद से इस दिशा में कोई उचित कदम की मांग की है. शहर में भी निरंतर कुत्तों का आंतक बढ़ता जा रहा है. इनकी संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है. कुत्तों के काटने की घटनाएं भी अक्सर सामने आ रही हैं. इसका समाधान भी आज तक नहीं किया गया है.

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उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजय गर्ग ने कहा कि कुत्तों द्वारा बतख को मारने की सूचना मिली है. बाग में किस स्तर पर लापरवाही हुई है, इसको लेकर जांच की जाएगी. अन्य बतखों की सुरक्षा को लेकर भी उचित दिशा निर्देश दिए जाएंगे.

Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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