राजगढ़ : गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित हिमाचल प्रदेश की झांकी ने राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की सांस्कृतिक और सैन्य विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रतिष्ठित परेड में सिरमौर जिले से आसरा संस्था के दो लोक कलाकारों सुनील कुमार और किरण कुमारी ने सहभागिता कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया।

आसरा संस्था के प्रभारी डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की यह झांकी प्रदेश के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को समर्पित रही, जिसमें हिमाचल की समृद्ध सैन्य परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत रूप में दर्शाया गया। झांकी में सिरमौर, कुल्लू, चंबा और ऊना जिलों से दो-दो कलाकारों ने भाग लिया, जिसमें सिरमौर से संगड़ाह क्षेत्र के सुनील कुमार और किरण कुमारी का चयन किया गया।
सुनील कुमार ऑल इंडिया रेडियो के बी-हाई ग्रेड कलाकार हैं और वे पिछले कई वर्षों से आसरा संस्था के माध्यम से प्रदेश के बाहर अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। दोनों कलाकारों का चयन जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी द्वारा किया गया था, जिसे भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशालय ने अनुमोदित कर गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में सहभागिता का अवसर प्रदान किया।
हिमाचल प्रदेश की इस झांकी में राज्य के चार परमवीर चक्र विजेताओं सहित अन्य वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को दर्शाया गया। झांकी की परिकल्पना और प्रस्तुति भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप के निर्देशन और उपनिदेशक बिहारी लाल शर्मा की देखरेख में तैयार की गई।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी सिरमौर जिले के लोक कलाकारों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में सिरमौरी नाटी की प्रस्तुति देने के कई अवसर मिल चुके हैं। गत वर्ष आसरा संस्था के कलाकारों ने सिरमौर जनपद के सिंहटू नृत्य को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में प्रस्तुत किया था।
कर्तव्य पथ परेड में यह सहभागिता न केवल सिरमौर जिला बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है, जिसने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ किया है।



