एंटी-चिट्टा अभियान के तहत मंडी जिला की अति संवेदनशील पंचायतों में हुईं बैठकें, तैयार की रणनीति

डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर मंडी जिला की 24 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।

0

मंडी : मंडी जिला में नशा निवारण अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिला की अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में सोमवार को बैठकों का आयोजन कर नशा निवारण पर रणनीति तैयार की गई।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर प्रदेशभर में एंटी चिट्टा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जन जागरुकता बढ़ाने और नशीले पदार्थों की बिक्री एवं आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। प्रदेश सहित जिला की ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों का गठन भी किया गया है।

डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर मंडी जिला की 24 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।

ये भी पढ़ें:  कोट ढांगर स्कूल के इन तीन नन्हें सितारों ने बिखेरी अपनी चमक, एक साथ नवोदय स्कूल में चयन

इनमें गोपालपुर, सिराज, चौंतड़ा, सदर, बल्ह, सुंदरनगर, द्रंग और बालीचौकी विकास खंड की पंचायतें शामिल हैं। इन बैठकों में युवा पीढ़ी को नशे की बुराई से दूर रखने का संकल्प लिया गया। विशेष तौर पर शिक्षण संस्थानों के आस-पास नशे कुछ बिक्री पर कड़ाई से रोक लगाने पर बल दिया गया।

उन्होंने बताया कि जिला में एंटी-चिट्टा अभियान के तहत स्थानीय प्रशासन पुलिस सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल के पहले DGP आईबी नेगी का निधन, शिमला में ली आखिरी सांस, सीएम ने जताया शोक