शिलाई : जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के पश्मी गांव पहुंचकर रविवार दोपहर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉ. अमरीन विक्रमादित्य सिंह भी उनके साथ मौजूद रहीं।

महाराज के दर्शन के उपरांत विक्रमादित्य सिंह ने अपने भावुक और आध्यात्मिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि पश्मी में चालदा महासू महाराज के दर्शन करना उनके लिए एक दिव्य क्षण रहा। उन्होंने कहा कि पश्मी गांव में महाराज का विराजमान होना न केवल सिरमौर, बल्कि समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक पड़ाव है, क्योंकि सदियों पुरानी परंपरा में परिवर्तन करते हुए पहली बार उनका यह दिव्य प्रवास टोंस नदी पार कर देवभूमि के इस क्षेत्र तक पहुंचा है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चालदा महासू महाराज का आगमन यहां के लोगों के लिए न्याय, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव का संदेश लेकर आया है, जो लोक आस्था और देव संस्कृति की निरंतरता को और सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल की पहचान देव नीति, देव परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान से बनी है, जहां महासू देवता जैसे लोकदेव न्याय, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रतीक माने जाते हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि विकास की प्रत्येक नीति और योजना में देव स्थलों की पवित्रता, स्थानीय आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय संतुलन की पूरी तरह रक्षा की जाए, ताकि विकास और आस्था एक-दूसरे के पूरक बनें। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज प्रदेशवासियों पर अपना कृपा-आशीर्वाद बनाए रखें और हिमाचल को न्याय, संतुलन और सतत विकास के मार्ग पर अग्रसर रहने की शक्ति प्रदान करें।
बता दें कि चालदा महासू महाराज पश्मी में नवंबर माह तक विराजमान रहेंगे, जिसके बाद वे यहां से प्रस्थान करेंगे। महाराज का यह आगमन क्षेत्र में न्याय, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक माना जा रहा है। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेसी नेता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



