शिमला/नई दिल्ली : देश में राज्यपालों और उपराज्यपालों के बड़े फेरबदल के बीच हिमाचल प्रदेश को नया राज्यपाल मिल गया है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उप राज्यपाल रहे कविंद्र गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार देर रात उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी। नए आदेश के तहत वर्तमान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना स्थानांतरित किया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार लद्दाख में अब दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। इस फेरबदल के साथ कई अहम संवैधानिक पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं।
जम्मू से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
जम्मू-कश्मीर के रहने वाले कविंद्र गुप्ता का जन्म 2 दिसंबर 1959 को जम्मू में हुआ। उनकी शुरुआती शिक्षा भी जम्मू में ही हुई। कम उम्र में ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। बताया जाता है कि महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल के दौरान उन्होंने विरोध आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और करीब 13 महीने जेल में भी रहे। इसके बाद उन्होंने संगठनात्मक राजनीति में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे पंजाब में विश्व हिंदू परिषद के सचिव और जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
मेयर से लेकर उपमुख्यमंत्री तक का सफर
कविंद्र गुप्ता का राजनीतिक कद पिछले दो दशकों में लगातार बढ़ता गया। वे वर्ष 2005 से 2010 तक लगातार तीन बार जम्मू नगर निगम के मेयर रहे, जिसे एक रिकॉर्ड माना जाता है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जम्मू की गांधीनगर सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। अप्रैल 2018 में भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के दौरान उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
इसके बाद जुलाई 2025 में उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था और अब उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। जल्द ही वे शिमला में पद और गोपनीयता की शपथ लेकर राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।



