नाहन में सजा जायका किसान मेला, प्रदर्शनी में दिखा प्राकृतिक खेती का दम, 500 किसानों ने लिया हिस्सा

डीसी ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि यह खेती न केवल सुरक्षित है, बल्कि टिकाऊ और आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम भी बन रही है।

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नाहन : जिला मुख्यालय नाहन में रविवार को जायका वित्तपोषित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना चरण-2 के तहत जिला स्तरीय भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। किसान भवन नाहन में आयोजित इस मेले में सिरमौर और सोलन जिले के 500 से अधिक किसानों ने भाग लिया। मेले का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक, सिंचाई, पोस्ट हार्वेस्टिंग और विपणन से जोड़ते हुए खेती को अधिक लाभकारी बनाना रहा।

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मेले का शुभारंभ डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने किया। इससे पूर्व उन्होंने किसान मेले में लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। इन प्रदर्शनियों में जिले भर के किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती से तैयार दालें, फल और सब्जियां प्रदर्शित की गई थीं। इसके बाद डीसी ने दीप प्रज्वलित कर किसान मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह ठाकुर ने उन्हें शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया।

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डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि जायका वित्तपोषित इस परियोजना के तहत प्रदेश के 4 जिलों में कुल 4,000 किसानों को शामिल किया गया है, जिनमें से अकेले जिला सिरमौर के 2,000 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के किसान मेले किसानों को योजनाओं की जानकारी देने और उन्हें नई तकनीकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। डीसी ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि यह खेती न केवल सुरक्षित है, बल्कि टिकाऊ और आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम भी बन रही है।

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डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर ने जानकारी दी कि जायका परियोजना में सोलन, रामपुर, सिरमौर और किन्नौर जिले शामिल हैं। परियोजना के अंतर्गत कुल 58 योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 17 योजनाएं केवल जिला सिरमौर में लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि सिरमौर में सिंचाई सुविधाओं, फसल उत्पादन, पोस्ट हार्वेस्टिंग तकनीक और मार्केटिंग से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस किया गया है, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके और युवाओं को खेती से जोड़ा जा सके।

किसान मेले में सिरमौर और सोलन जिले के किसानों, विशेषकर कुनिहार क्षेत्र से आए किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनियां लगाई गईं, जिन्हें देखने के लिए लोगों की खास भीड़ उमड़ी। मेले के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर मौजूद रहे और किसानों को आधुनिक खेती से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी।

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कार्यक्रम में परियोजना मुख्य प्रबंधक डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर, कृषि उपनिदेशक सिरमौर डॉ. राजकुमार, आत्मा परियोजना के निदेशक डॉ. साहिब सिंह, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर पवन कुमार, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर सोलन युवराज, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर रामपुर बुशहर जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।