HomeHimachalSirmaurसिरमौर में बदली तस्वीर! जन्म के समय लिंगानुपात 957 से बढ़कर 1018...

सिरमौर में बदली तस्वीर! जन्म के समय लिंगानुपात 957 से बढ़कर 1018 पहुंचा, DC ने मिशन शक्ति और पोषण अभियान की समीक्षा की

उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में मिशन शक्ति अंब्रेला और पोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

नाहन : उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में मिशन शक्ति अंब्रेला और पोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि जिला सिरमौर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जन्म के समय लिंगानुपात गत वर्ष के 957 से बढ़कर इस वर्ष 1018 दर्ज किया गया है, जो देश और प्रदेश के औसत से अधिक और उत्साहवर्धक है।

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों में कुपोषण तथा एनीमिया की दर को कम करना है। साथ ही बच्चों में कम वजन, बौनापन और महिलाओं व बच्चों में खून की कमी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए उसके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:  बद्दी पुलिस का बड़ा एक्शन, किराये के कमरे में छापेमारी कर चिट्टे के साथ दबोचे दो युवक

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत स्थानीय पौष्टिक आहार, मोटे अनाज विशेषकर बाजरा और आहार विविधता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, अति कुपोषित बच्चों अथवा जिनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता, उन्हें पुनर्वास केंद्रों में रखने की व्यवस्था भी की जाती है।

बैठक में बताया गया कि जिला सिरमौर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 1486 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 12,617 गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा 6 माह से 6 वर्ष तक के 2,635 बच्चों को पोषाहार और अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक 8 आंगनबाड़ी सह क्रेच संचालित किए जा चुके हैं, जबकि भविष्य में 57 और क्रेच संचालित किए जाने प्रस्तावित हैं।

ये भी पढ़ें:  हिमाचल के राज्यपाल ने आधा किया वाहन काफिला, हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे, संडे को नहीं चलेगी गाड़ी

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में सामाजिक सुरक्षा के लिए 52 लाख 11 हजार 500 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से अब तक 119 पात्र लाभार्थियों को 14 लाख 25 हजार 935 रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 18 वर्ष तक के 1,891 पात्र लाभार्थियों को 57 लाख 70 हजार 228 रुपये तथा 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के 11 पात्र लाभार्थियों को 2 लाख 26 हजार 499 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने बैठक में विभिन्न मदों को क्रमवार प्रस्तुत किया। बैठक में जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) अंजली गर्ग, जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर, जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें:  हिंदी सिर्फ राजभाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान की बुनियाद : डा. शुक्ला

Latest Articles

Explore More