हरिपुरधार : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र की ग्राम पंचायत गेहल में बार-बार ट्रांसफॉर्मर खराब होने और उसे हर बार कंधों पर पहाड़ी रास्ते से ढोने की मजबूरी के बीच ग्रामीणों ने बिजली बोर्ड से स्थायी समाधान की मांग उठाई है। पंचायत ने ट्रांसफॉर्मर को मुख्य सड़क के पास पंचायत भवन के निकट शिफ्ट करने और गांव के लिए 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग जल्द पूरी न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
ग्राम पंचायत गेहल के प्रधान ओपी ठाकुर ने बताया कि 30 जून को हुई भारी बारिश के दौरान गांव का 25 केवी का ट्रांसफॉर्मर जल गया था, जिससे करीब 60 घरों में 5 से 6 दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रही। उन्होंने कहा कि पिछले 6 से 8 महीनों में ट्रांसफॉर्मर कई बार खराब हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नया ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध करवाने के लिए बिजली बोर्ड का आभार भी जताया।
ओपी ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में ट्रांसफॉर्मर ऐसी जगह स्थापित है, जहां मुख्य सड़क से लगभग 500 से 700 मीटर की कठिन पहाड़ी चढ़ाई पार कर उसे कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ता है। करीब 4 से 5 क्विंटल वजनी ट्रांसफॉर्मर को इस तरह ले जाना ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों दोनों के लिए जोखिम भरा है और हर बार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि ट्रांसफॉर्मर स्थल की दूसरी ओर पंचायत भवन के पास मुख्य सड़क केवल 100 से 150 मीटर की दूरी पर है। यदि ट्रांसफॉर्मर को वहां स्थानांतरित किया जाता है तो भविष्य में उसे बदलने, रखरखाव और मरम्मत का कार्य आसानी से किया जा सकेगा और ग्रामीणों को अनावश्यक जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा।
स्थानीय निवासी राजेंद्र शर्मा और सूर्या शर्मा ने बताया कि गांव में करीब 60 घर हैं, जबकि वर्तमान में लगा 25 केवी का ट्रांसफॉर्मर बढ़ते विद्युत भार के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि अधिक लोड के कारण ट्रांसफॉर्मर बार-बार जल जाता है, इसलिए गांव के लिए 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत किया जाना आवश्यक है।
ग्राम पंचायत गेहल और ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि ट्रांसफॉर्मर को शीघ्र पंचायत भवन के समीप मुख्य सड़क के पास स्थानांतरित किया जाए और गांव के लिए 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत किया जाए, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
प्रधान ओपी ठाकुर ने कहा कि यदि ग्रामीणों की इस मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामवासी बिजली बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
