कालाअंब : रुचिरा पेपर्स के एमडी उमेश चंद्र गर्ग का निधन, उद्योग जगत में शोक की लहर

उमेश चंद्र गर्ग गत्ता और कागज उद्योग का एक बड़ा और स्थापित नाम थे। उनके नेतृत्व में रुचिरा पेपर्स ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई और प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में स्थान हासिल किया।

0

नाहन : जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब स्थित रुचिरा पेपर्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और प्रदेश के जाने-माने उद्योगपति उमेश चंद्र गर्ग का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने पंचकूला के पारस अस्पताल में सुबह करीब 6:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

उमेश चंद्र गर्ग गत्ता और कागज उद्योग का एक बड़ा और स्थापित नाम थे। उनके नेतृत्व में रुचिरा पेपर्स ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई और प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में स्थान हासिल किया। साथ ही कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र के विकास में भी उनका योगदान अहम माना जाता है। वे अपने पीछे पत्नी शशि गर्ग, पुत्र-पुत्रवधू और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

ये भी पढ़ें:  NSS स्वयंसेवियों ने दिया डिजिटल साक्षरता और स्वच्छता का संदेश, हुए योग अभ्यास, पारंपरिक खेल

उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि उमेश गर्ग का जाना औद्योगिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वैरव इंडस्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गर्ग, जय भारत सरिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेंद्र जैन, एल्जन फार्मा के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव भाटिया, प्रमुख उद्योगपति विनोज शर्मा, सी.एस. पुष्करणा, संजय आहूजा, साबू ग्रुप के पवन सैनी, विक्की सहित अनेक उद्योगपतियों और सामाजिक हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

उद्योगपतियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि उमेश गर्ग एक दूरदर्शी उद्योगपति होने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े रहे। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उद्योग जगत का मानना है कि उमेश गर्ग का निधन केवल एक उद्योगपति का जाना नहीं, बल्कि गत्ता और कागज उद्योग के एक मजबूत स्तंभ का टूटना है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

ये भी पढ़ें:  भविष्य की चुनौतियों के पहाड़ पर खड़ा है निर्माणाधीन मेडिकल कालेज, क्या जिला अस्पताल का लौटेगा स्वरूप