बद्दी : चनालमाजरा में तालाब से शव मिलने के मामले में बद्दी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है।
मानपुरा पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से जलगांव के शनिपेठ थाना क्षेत्र से चारों आरोपियों को पकड़ा। जलगांव की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद आरोपियों को नालागढ़ लाया गया, जहां अदालत ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत कुमार (19) पुत्र योगी महतो (जोधी) निवासी गांव पैठानी चक नया टोला, तहसील एवं थाना पंथरक, जिला पटना (बिहार), गोगल मुखिया उर्फ रोशन (21) पुत्र वीरजू मुखिया निवासी गांव कुटुवपुर, वार्ड नंबर 6, डाकघर गनियारी, तहसील एवं थाना सकरा, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार), चंदन कुमार (22) पुत्र विलास मुखिया निवासी गांव कुटुवपुर, वार्ड नंबर 6, डाकघर गनियारी, तहसील एवं थाना सकरा, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार), संतोष कुमार (24) पुत्र देविंद्र साह निवासी गांव बहादुरपुर, डाकघर वरियारपुर, तहसील एवं थाना सकरा, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है।
यह है मामला
पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को मृतक मुकेश कुमार अपने कुछ साथियों के साथ घर से निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा।
इसके बाद उसके भाई उमेश कुमार ने 30 सितंबर को मानपुरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। तलाश के दौरान चनालमाजरा क्षेत्र के एक छोटे तालाब से मुकेश का शव बरामद हुआ था।
पुलिस को मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले थे। संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ी और जांच के लिए विशेष टीम गठित की।
महाराष्ट्र तक पहुंची जांच
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में सुराग मिले। इसके बाद मानपुरा पुलिस टीम ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से जलगांव में आरोपियों की तलाश की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
चारों को पहले जलगांव की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया और इसके बाद नालागढ़ की अदालत में पेश किया गया।
रिमांड में खुलेगा वारदात का राज
चार दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस हत्या के कारण, वारदात में उनकी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जानकारी जुटाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
एसपी बद्दी विनोद धीमान मामले की जांच की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जांच अधिकारियों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
