शिमला : हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ली है। रविवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रे पर हिमपात हुआ। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 11 अक्टूबर को शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
जिला सिरमौर के विभिन्न हिस्सों में दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदला और झमाझम बारिश शुरू हुई। इस दौरान भारी गर्जना के साथ कई जगह अंधड़ भी चला। वहीं, किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है।
12 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में 16 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, जबकि मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने 13 और 14 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की भी संभावना है।
सप्ताह के शेष दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बारिश और बर्फबारी के बीच अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
कुकुमसेरी में शून्य के करीब पहुंचा पारा
शनिवार को प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर धूप निकलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शिमला में अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस, कल्पा में 2.4 डिग्री और ऊना में 1.8 डिग्री बढ़ा। इसके विपरीत कांगड़ा और चंबा में अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शून्य के करीब है। वहीं, ऊना में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कम होते तापमान के बीच ठंड का असर बढ़ने लगा है।
