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नाहन में हेलीपोर्ट निर्माण की तैयारी ! आज खुलेंगे OLS सर्वे के टेंडर

यह हेलीपोर्ट शहर के समीप धार क्यारी मोहल में प्रस्तावित है. जिला प्रशासन की ओर से हेलीपोर्ट निर्माण के लिए चयनित 11 बीघा 10 बिस्वा भूमि पहले ही पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है. सरकार से इसके निर्माण को हरी झंडी मिल चुकी है. अब ओएलएस सर्वे के बाद इसके निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जाना है.

नाहन : जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन के समीप बनाए जाने वाले हेलीपोर्ट के निर्माण को लेकर कवायद तेज हो गई है. सरकार से इसे हरी झंडी मिल चुकी है. अब इसके निर्माण से पहले बाधा सीमा सतह यानी ओएलएस सर्वे होगा. शुक्रवार को इस सर्वे कार्य के लिए टेंडर खुलेंगे. जिस भी कंपनी को ये टेंडर अवार्ड होंगे, वह हेलीपोर्ट निर्माण को लेकर संबंधित साइट और क्षेत्र का सर्वे करेगी.
दरअसल, यह हेलीपोर्ट शहर के समीप धार क्यारी मोहल में प्रस्तावित है. जिला प्रशासन की ओर से हेलीपोर्ट निर्माण के लिए चयनित 11 बीघा 10 बिस्वा भूमि पहले ही पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है. इसके निर्माण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर प्रशासन पहले ही सरकार को स्वीकृति के लिए भेज चुका है. अब ओएलएस सर्वे के बाद इसके निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जाना है.

क्या है OLS
हेलीपोर्ट में OLS (Obstacle Limitation Surfaces) यानी बाधा सीमा सतह कहा जाता है. ये हवाई अड्डों के आस-पास के वायु क्षेत्र को बाधाओं से मुक्त रखने के लिए परिभाषित है. इनका मकसद हवाई अड्डों पर सुरक्षित रूप से हवाई उड़ानों का संचालन करना और हवाई अड्डों के आस-पास बाधाओं के बढ़ने से उन्हें अनुपयोगी होने से रोकना है. सुरक्षित हवाई अड्डा परिचालन के लिए बाधा सीमा सतहों (OLS) के संभावित उल्लंघन की निगरानी और मूल्यांकन करना जरूरी होता है. टेंडर लेने वाली कंपनी इस हेलीपोर्ट का बाधा युक्त सीमाओं सहित इससे जुड़े विभिन्न कार्यों का सर्वेक्षण करेगी. रिपोर्ट के आधार पर हेलीपोर्ट के निर्माण को लेकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

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हेलीपोर्ट में ये मिलेंगी सुविधाएं
जिला प्रशासन द्वारा वर्ष 2023 में सरकार को भेजी गई प्रपोजल के मुताबिक हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रस्तावित इस हेलीपोर्ट में कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी. हेलीपोर्ट में हर समय 3 हेलीकॉप्टरों की सुविधा उपलब्ध रहेगी. यात्रियों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था के साथ वेटिंग रूम का निर्माण भी होगा. सिक्योरिटी के भी प्रबंध होंगे. यही नहीं यात्रियों के खाने-पीने की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस हेलीपोर्ट में रेस्टोरेंट का भी निर्माण किया जाएगा. यहां यात्रियों को वह तमाम सुविधाएं मिलेंगी, जो एक मिनी हवाई अड्डे के रूप में मिलती हैं.

पर्यटन को लगेंगे नए पंख
हेलीपोर्ट के निर्माण से बाहर से आने वाले यात्रियों व स्थानीय लोगों का हवाई यात्रा के माध्यम से आने-जाने का सिलसिला शुरू होगा. शिमला, चंडीगढ़, धर्मशाला इत्यादि क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर की सेवाओं से लोगों को बड़ा लाभ मिल सकेगा. हालांकि, हेलीकॉप्टर की सुविधाएं कहां-कहां के लिए मिलेंगी, यह सब निर्माण के बाद ही तय किया जाएगा. लेकिन, इतना जरूर है कि अब जिला सिरमौर में भी जल्द हवाई यात्रा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. इससे सिरमौर के पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे.

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– ई. आलोक जनवेजा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी नाहन मंडल

हेलीपोर्ट निर्माण को लेकर होने वाले ओएलएस सर्वे के टेंडर आज खुलेंगे. इसके बाद संबंधित कंपनी इसका सर्वेक्षण करेगी. जाबल का बाग के समीप धारक्यारी मोहल में हेलीपोर्ट का निर्माण होना है. सरकार से इसे मंजूरी मिल चुकी है. हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए बजट का प्रावधान बाद में किया जाएगा. इसके निर्माण से पूर्व ओएलएस सर्वे किया जाना है.”

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Hitesh Sharma
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हितेश शर्मा 'आपकी बात न्यूज़ नेटवर्क' के संस्थापक और मुख्य संपादक हैं। दो दशकों से भी अधिक लंबे अपने करिअर में, वे 'अमर उजाला' 'दैनिक भास्कर' दैनिक ट्रिब्यून, पंजाब केसरी और दिव्य हिमाचल जैसे प्रमुख प्रकाशनों में महत्वपूर्ण संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं। एक अनुभवी पत्रकार और पूर्व ब्यूरो प्रमुख के तौर पर, हितेश अपनी गहन ज़मीनी रिपोर्टिंग और नैतिक व प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करने में विशेषज्ञता रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर कहानी को पूरी गहराई और ज़िम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाए।

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